Thursday, January 20, 2022

महामंत्र,ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र के द्वारा होगा सभी समस्याओं का समाधान

 

एक मंत्र करेगा अनेक समस्याओं का समाधान - प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज


 - आज के समय में मनुष्य इतना अधिक व्यस्त रहता है जिसके कारण रात्रि में नींद नहीं आती शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा से ग्रसित रहता है !
A single mantra can resolve all your problems
Narayan mantra
इस कलयुग में हर कोई दुखी है लेकिन अगर कोई समस्या होती है तो उसका समाधान भी होता है
पूज्य गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने इस बात को पहले ही लिख दिया था



                 दोहा
कोई तन से दुखी कोई मन से दुखी,
     कोई धन बिन रहत उदास
थोड़े-थोड़े सब दुखी सुखी राम के दास !!
    
अर्थ -
 कोई तन से दुखी है कोई मन से दुखी है कोई धन से दुखी है थोड़े थोड़े सभी दुखी हैं सुखी केवल भगवान के भक्त हैं
आजकल लोग अनेक समस्याओं से ग्रसित हैं जैसे
- जिनको रात्रि में नींद नहीं आती
-जिनको ब्लड प्रेशर शुगर की समस्या रहती है
-लोगों को मानसिक शांति प्राप्त नहीं होती
-मेहनत करने के बाद भी सफलता प्राप्त नहीं होती
-लोगों के घर में शांति नहीं रहती धन का अभाव रहता है
-जिनके घरों में हमेशा कलह रहती है
-जो लोग अनेक प्रकार के रोगों से ग्रसित रहते हैं
"इन सभी समस्याओं के निवारण हेतु इस मंत्र का जाप करें"

 महामंत्र÷  ॐ नमों भगवते वासुदेवाय नमः


जिनको रात्रि में नींद नहीं आती वह लोग सोने से पहले हाथ पैर धुलकर, लेटें नेत्रों को बंद करके होठ और जिव्हा को बिना हिलाए अंतर आत्मा से इस मंत्र का उच्चारण करते करें अनेक समस्याओं के निवारण हेतु प्रातः काल स्नान के उपरांत तुलसी की माला से पांच माला जप करें !

दिन में कार्य के समय कभी भी मन ही मन मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं इससे समस्याओं का समाधान होगा,
 जीवन सुखमय होगा!

श्री हनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र''लखनऊ''
Astrologer Pramod Krishna Shastri 
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Wednesday, January 19, 2022

पुखराज रत्न किसे नहीं पहनना चाहिए किस राशि के लोग पहन सकते हैं पुखराज रत्न



जानिए ???   किस राशि के लोग पहन सकते हैं पुखराज रत्न...

 किस राशि के लोगों को भूल कर भी नहीं पहनना चाहिए पुखराज रत्न


 दर्शकों कोई भी रत्न धारण करने से पहले
अपनी जन्म कुंडली का विश्लेषण 
अवश्य कराएं तभी रत्न धारण करें।
ज्योतिषी परामर्श के बिना रत्न भूलकर भी रत्न धारण ना करें।

Pukhraj stone
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मेष राशि- मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह होता है।
 मंगल और गुरु के बीच बहुत ही अच्छे संबंध माने जाते हैं
 साथ ही गुरु का मेष राशि के नवे और बारहवें भाव पर भी प्रभाव रहता है जोकि बहुत ही अच्छा माना जाता है।
इसलिए मेष राशि के जातक पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं
 मेष राशि के जातकों को पुखराज रत्न धारण करने से कोई भी परेशानी उत्पन्न नहीं होती है।

वृष राशि-- वृष राशि का स्वामी शुक्र ग्रह माना जाता है शुक्र और गुरु का संबंध देखा जाए तो बहुत ही अच्छा माना जाता है गुरु वृषभ राशि के आठवें और ग्यारहवें भाव का स्वामी है वृष राशि के दूसरे चौथे पांचवें नवे दसवें और ग्यारहवें भाव में गुरु हो तो व्यक्ति को आर्थिक संबंधी अनेकों सफलताएं प्राप्त होती हैं जिससे धन योग बनता है ज्योतिष के अनुसार देखें तो दर्शन राशि के जातक भी पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं लेकिन कोई भी रत्न धारण करने से पहले ज्योतिष परामर्श अवश्य करें यह मैं आपसे बार-बार कहूंगा।

मिथुन राशि- मिथुन राशि का स्वामी बुध होता है संबंध की बात करें तो गुरु और बुध के बीच सामान्य संबंध माने जाते हैं मिथुन राशि के जातकों के गुरु दूसरे चौथे पांचवें सातवें आठवें भाव में होने से जातक पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं।

कर्क राशि- कर्क राशि की बात करें तो कर्क राशि के स्वामी चंद्रदेव माने जाते हैं चंद्र और गुरु का बहुत अच्छा संबंध माना जाता है गुरु छठे और नवे भाव में होने से कर्क राशि के जातक भी पुखराज पहन सकते हैं।

सिंह राशि- सिंह राशि का स्वामी सूर्य होता है। सूर्य और गुरु का सकारात्मक संबंध होता है जिसे बहुत ही अच्छा माना जाता है यह दोनों को एक दूसरे के मित्र माने जाते हैं सिंह राशि के गुरु पांचवे और आठवें भाव के स्वामी होने पर जातक पुखराज रत्न धारण कर सकता है इससे उसे लाभ प्राप्त होगा।


 Astrologer Pramod Krishna Shastri
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कन्या राशि- कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध होता है रतन की बात करें तो वैसे तो कन्या राशि के जातक को पन्ना रत्न धारण करना चाहिए गुरु चौथी और सातवें भाव का स्वामी है चौथे भाव का संबंध माता भूमि भवन आदि से देखा जाता है सातवा कर जीवनसाथी और मार्केट का होता है इसलिए कन्या राशि के लोग पुखराज रत्न धारण करें कन्या राशि के जातक यदि पुखराज रत्न धारण करते हैं तो उन्हें अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

तुला राशि- तुला राशि के तीसरे और छोटे घर का स्वामी गुरु होता है तुला राशि का स्वामी शुक्र माना जाता है गुरु और शुक्र के मध्य अच्छे संबंध नहीं होते इसलिए तुला राशि के जातकों को भी पुखराज रत्न धारण नहीं करना चाहिए इससे इन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है


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 यदि आप पुखराज रत्न धारण करना चाहते हैं तो किसी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य करें सभी रत्न धारण करें।
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वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल होता है मंगल और गुरु के मित्रता की बात करें तो बहुत ही अच्छी मैत्री मानी जाती है इस राशि के लोग मूंगा रत्न के साथ पुखराज रत्न भी धारण कर सकते हैं वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु पंचम स्थान से संबंधित बहुत ही शुभ फल प्रदान करता है लेकिन वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु द्वितीय होने के कारण मार्केट भी प्रबल बनाता है इसलिए पुखराज नहीं पहनना चाहिए।

धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए पुखराज रत्न बहुत ही लाभकारी होता है पुखराज रत्न धारण करने से इन लोगों को अनेकों लाभ होते हैं आर्थिक स्थिति मजबूत होती है धनु राशि वालों के लिए गुरु लग्न और चतुर्थ स्थान का स्वामी होता है यह स्थान शुभ माने जाते हैं इसलिए विशेष रूप से कहे तो धनु राशि वालों के लिए पुखराज रत्न सोने पर सुहागा का काम करता है।

कुंभ राशि- सभी जानते हैं कि कुंभ राशि का स्वामी शनि होता है इस राशि में गुरु द्वितीयेश प्रबल मार्केस और साथ ही गुरु एकादश होने के कारण अकारक होता है इसलिए कुंभ राशि के जातकों को भूलकर भी पुखराज रत्न नहीं पहनना चाहिए।

मीन राशि- मीन राशि के जातकों के लिए पुखराज रत्न बहुत ही लाभकारी माना जाता है मीन राशि वालों के लिए ग्रुप प्रथम और दशम भाव का स्वामी होता है मीन राशि के जातक यदि पुखराज रत्न धारण करते हैं तो इनको सभी क्षेत्र में लाभ प्राप्त होता है आमदनी बढ़ती है कार्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है 

मीन राशि और धनु राशि
इन 2 राशियों के लिए पुखराज रत्न बहुत ही लाभकारी माना जाता है मीन राशि के जातकों पर पुखराज रत्न बहुत ही चमत्कारी प्रभाव डालता है मीन और धनु राशि के जातक यदि पुखराज रत्न धारण करते हैं तो इनको अनेकों प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं आर्थिक स्थिति मजबूत होती है व्यापार में सफलता प्राप्त होती है कुल मिलाकर कहे तो मीन और धनु राशि के जातक यदि पुखराज रत्न धारण करते हैं तो उन्हें सभी क्षेत्रों में सफलताएं प्राप्त होती हैं।



 





नए साल वर्ष 2022 में इन 2 राशियों के जातकों को रहना होगा सावधान मुश्किलों का करना पड़ेगा सामना ,नए साल में बदलेगी ग्रहों की चाल ,होंगे अनेकों बदलाव

 नए साल वर्ष 2022 में इन दो राशियों के जातकों को रहना होगा सावधान 

  • नमस्कार दोस्तों मैं हूं आपके साथ
  •  ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण "शास्त्री"
  • #Pramod_Krishna_Shastri #astrologer 
  • दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जो ना जानना चाहता हो कि उसके जीवन में नया साल क्या बदलाव लेकर आएगा हर कोई जानना चाहता है। उसके जीवन में क्या नया होने वाला है नया साल उसके जीवन में क्या लेकर आएगा इसी बात को ध्यान मैं रखते हुए हम लाए हैं आपके लिए नए साल 2022 का राशिफल।

  मेष राशि 
मेष राशि के जातकों के लिए वर्ष 2022 कैसा रहेगा ???
#mesh_rashifal2022| 
जनवरी माह में मंगल का धनु राशि में गोचर होने वाला है जिसके प्रभाव से आपको विशेष लाभ होने वाला है आर्थिक दृष्टिकोण से अनुकूलता प्राप्त होगी साथ ही यह गोचर आपके जीवन में सकारात्मकता भी लेकर आएगा

अप्रैल माह में गुरु का गोचर विद्यार्थियों के लिए शुभ होगा जो लोग शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उन्हें भी इसका विशेष लाभ प्राप्त होगा आर्थिक दृष्टि से देखें तो मेष राशि वालों के लिए वर्ष 2022 बहुत ही अच्छा रहने वाला है।


वृषभ राशि

#Vrish_rashifal_2022 वृषभ राशि के जातकों के लिए वर्ष 2022 कैसा रहने वाला हैनया साल 2022 वृषभ राशि वालों के लिए सामान्य रहने वाला है 16 जनवरी को मंगल ग्रह का गोचर आपके भाग्य को म7जबूत बनाएगा।नौकरी व्यवसाय की दृष्टि से देखें तो यह वर्ष आपके लिए बहुत ही अच्छा रहने वाला है अप्रैल के महीने में एक साथ कई ग्रहों का राशि परिवर्तन आपको अनेकों लाभ प्रदान करेगा ।

इस वर्ष धन  लाभ के संकेत भी दिख रहे हैं।

दर्शकों यदि आपके मन में कोई सवाल है
या फिर आप अपनी जन्म कुंडली के बारे में कुछ भी जानना चाहते हैं तो हमें कॉल करें या कमेंट बॉक्स में लिखें
#Pramod_Krishna_Shastri #astrologer 
Call +91 8737866555 / +919453316276




मिथुन राशि
  • मिथुन राशि के लोगों के लिए यह वर्ष अनेकों चुनौतियों से भरा होगा मिथुन राशि के जातकों को 17 फरवरी से अप्रैल तक स्वास्थ संबंधी समस्याओं से भी गुजरना पड़ सकता है लेकिन अप्रैल के बाद राहु का गोचर सकारात्मक प्रभाव डालेगा लेकिन कुल मिलाकर कहें तो मिथुन राशि के जातकों के लिए यह वर्ष कुछ ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा अनेकों मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है


कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों को वर्ष की शुरुआत मैं कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
 कर्क राशि के सप्तम भाव में शनि की उपस्थिति कुछ उथल पुथल मचा सकती।
 16 जनवरी के बाद मंगल का धनु राशि में गोचर कर्क राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ाएगा।
साथ ही आ रही समस्याओं से छुटकारा दिलाएगा।
कुंभ राशि में शनि का गोचर होने से अप्रैल से लेकर जुलाई तक के समय मे आर्थिक जीवन प्रभावित होगा लेकिन वर्ष का अंत आपके लिए बहुत ही शुभ रहेगा।

सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों की बात करें तो आने बाला नया साल कुछ मिलाजुला रहने वाला है साल के शुरुआत की बात करें तो पंचम भाव में गुरु की उपस्थिति आपके आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी।

26 जनवरी को मंगल ग्रह आपकी राशि में छठे भाव में उपस्थित होगा इस दौरान आपको कार्य क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना दिख रही है सिंह राशि को फरवरी और अप्रैल माह में कुछ सावधानी बरतनी पड़ेगी क्योंकि इस दौरान एक साथ कई ग्रहों का फेरबदल आपके लिए शुभ नहीं रहेगा सिंह राशि जातकों को वाहन के प्रयोग में विशेष सावधानी बरतनी पड़ेगी



कन्या राशि
#Kanya_rashifal2022 
कन्या राशि के जातकों के लिए नए साल का शुरुआती समय काफी अच्छा रहने वाला है।
 जनवरी में मंगल का धनु राशि में गोचर आपको अनेकों लाभ प्रदान करेगा आर्थिक तंगी से छुटकारा दिलाएगा।

 लेकिन स्वास्थ संबंधी समस्याओं का कुछ सामना करना पड़ सकता है मार्च महा के शुरुआती दिनों में चार प्रमुख ग्रह शनि मंगल बुध और शुक्र का एक साथ उपस्थित होना चतुर ग्रही योग का निर्माण करेगा।
 जिससे आपको अनेकों लाभ होंगे जीवन में सकारात्मकता आएगी यह वर्ष आपके लिए शुभ रहने वाला है।




तुला राशि

#Tula_rashifal 2022
के जातकों के लिए नया साल वर्ष 2022 की शुरुआत में 
शारीरिक मानसिक और नौकरी व्यवसाय से जुड़े अनेकों शुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
 जनवरी में धनु राशि में मंगल का गोचर भी आपको शुभ फल प्रदान करेगा आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
 2022 में सबसे विशेष बात यह रहेगी कि आप इस साल धन का संचय कर सकेंगे।
 छात्रों को शिक्षा क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त होंगी।


वृश्चिक राशि
Vrischik rashifal 2022


वृश्चिक राशि के जातकों के लिए वर्ष 2022 कुछ मिलाजुला रहने वाला है वर्ष की शुरुआत में बात करें तो अप्रैल माह तक खर्चों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है कुंभ राशि में शनि का गोचर आपको अनेकों शुभ फल प्रदान करेगा ।
जैसे आर्थिक परिवारिक और करियर से जुड़े लाभ प्रदान करेगा।
 जिसके परिणाम स्वरूप आप की स्थिति बेहतर होगी आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिल सकेगा
 नौकरी व्यवसाय में आपकी उन्नति हो सकती है।


धनु राशि
#Dhanu_rashifal 2022

 धनु राशि के जातकों के लिए नया साल वर्ष 2022 आर्थिक दृष्टि से बहुत ही अच्छा रहने वाला है।
 जनवरी में मंगल ग्रह का आपकी ही राशि में गोचर धन लाभ का योग बना रहा है।
 आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाएगा मंगल का गोचर लेकिन यह गोचर आपको मानसिक तनाव देने का कारण बन सकता है।
मंगल आपके सप्तम भाव को देखेगा जिससे आपके परिवारिक जीवन में कुछ परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।




मकर राशि
#Makar_rashifal 2022
मकर राशि के जातकों के लिए नया साल वर्ष 2022 कई उतार-चढ़ाव से भरा हो सकता है ।
शनि के राशि परिवर्तन से कैरियर आर्थिक और शिक्षा क्षेत्र के लिए यह वर्ष आपके लिए अनुकूल रहने वाला है।
 लेकिन इस वर्ष आपको अनेकों चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है द्वादश भाव में मंगल का गोचर आर्थिक समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।
 मकर राशि के जातक अपने खान-पान पर ध्यान दें व्यायाम अवश्य करें।


कुंभ राशि 
#Kumbh_rashifal 2022

कुंभ राशि के जातकों के लिए वर्ष 2022 बहुत ही शुभ रहने वाला है आर्थिक दृष्टि से इस साल आपको अनेकों सफलताएं मिलने की संभावना दिख रही है।
 जनवरी माह में मंगल का गोचर भी आपको धन से जुड़े अनेकों लाभ प्रदान करेगा मार्च की शुरुआत में शनि मंगल बुध और शुक्र का एक साथ युति करना आपको अनेकों लाभ प्रदान करेगा।
 लेकिन कुंभ राशि के जातक एक बात हमेशा ध्यान रखें कोई भी निर्णय जल्दबाजी में ना लें किसी भी चीज को अपने ऊपर हावी ना होने दें।
धनु राशि में मंगल ग्रह की उपस्थिति आपको नौकरी व्यवसाय में अनेकों सफलताएं प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।



मीन राशि
#Meen_rashifal_2022


मीन राशि के जातकों के लिए वर्ष 2022 बहुत ही शुभ रहने वाला है।
 इस साल आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी शनिदेव का 11वें और 12वें भाव में उपस्थित होना आपके आय के स्रोतों को मजबूत बनाएगा।
अक्टूबर माह के बीच कई ग्रहों का राशि परिवर्तन होने से आपके जीवन में अनेकों उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
 मीन राशि मैं गुरु बृहस्पति का गोचर भी आपको व्यापार क्षेत्र में सफलता प्रदान करेगा नौकरी में भी आपकी उन्नति हो सकती है।
वेतन में वृद्धि होगी विशेष रुप से कहे तो नौकरी व्यवसाय में आपको तरक्की मिलने वाली है।















Saturday, October 30, 2021

दीपावली की रात करें ये चमत्कारिक उपाय

 दीपावली की रात कर लें यह उपाय÷ 

पैसों की कमी भी कमी नहीं रहेगी,

नमस्कार दर्शकों मैं हूं आपके साथ 
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री (LUCKNOW)

हमारे हिंदू धर्म में दीपोत्सव पर्व का बहुत ही विशेष महत्व है।
इस दीपोत्सव पर्व के दिन सभी सनातन धर्म प्रेमी माता लक्ष्मी गणेश और कुबेर जी का पूजन करते हैं।
लक्ष्मी गणेश पूजन के साथ ही सभी भक्तों सुख समृद्धि की कामना करते हैं।
कार्तिक मास के दिन पढ़ने वाले इस त्यौहार का और भी महत्व बढ़ जाता है क्योंकि कार्तिक मास मैं अमावस्या की काली रात बहुत ही विशेष मानी जाती है धर्म ग्रंथों के अनुसार बताए गए उपायों को दीपावली की रात को करने से चमत्कारिक लाभ प्राप्त होते हैं।


Astrologer
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Astrologer- 
Pramod Krishna Shastri 
Call- +91 8737866555


अमावस्या की काली रात दीपावली के रात में इन चमत्कारिक उपायों को करने बहुत ही लाभ होता है।


दीपावली की रात चमत्कारिक उपायों को कैसे करें???
 जानने के लिए हमारी इस वीडियो को पूरा देखें...
        
Watch this Video .....



 जानिए चमत्कारी उपाय÷

1- पहला उपाय÷
 दीपावली की काली रात छोटी चांदी की कटोरी में शहद चमेली का इत्र और केसर भरकर उसे लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें जहां पर पैसे रखे जाते हैं इससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी माता लक्ष्मी की कृपा आप पर हमेशा हमेशा बनी रहेगी अगली दिवाली आने पर पुनः इस उपाय को करें दीपावली आने से 1 दिन पहले कटोरी का शहद इत्र और केसर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें और दीपावली की रात इस उपाय को पुनः करें इससे आपके जीवन में हमेशा ही खुशहाली बनी रहेगी।

2- दूसरा उपाय ÷
दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन के बाद चांदी की कटोरी में धनिया का बीज साबुत और गुण धनिया और गुरु का माता लक्ष्मी को भोग लगाएं धनिया और गुण माता लक्ष्मी को अर्पित करें इससे माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी माता लक्ष्मी आप पर हमेशा ही प्रसन्न बनी रहेगी धनिया बीज के अंदर एक ऐसी विशेषता होती है जिससे धन लक्ष्मी का आकर्षण बनता है इसलिए धनिया और गुड़ का भोग माता लक्ष्मी को अवश्य लगाएं धनिया धन अर्जन का मार्ग प्रशस्त करती है।




3- तीसरा उपाय÷
यह उपाय कर्ज मुक्ति के लिए विशेषकर माना जाता है जिन जातकों के ऊपर बहुत सारा कर्ज लगा हुआ है वह लोग इस उपाय को अवश्य करें कर्ज मुक्ति उपाय दीपावली की रात इस उपाय को करने से आपको कर्जे से मुक्ति अवश्य ही मिलेगी अपामार्ग के पौधे की जड़ का उपयोग अत्यंत ही चमत्कारी माना जाता है दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन के समय अपामार्ग पौधे की जड़ और पत्ते लाल कपड़े में बांधकर जहां आप पैसे रखते हैं अपनी तिजोरी में रखें इससे कर्ज से मुक्ति मिलेगी और साथ ही आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी जिस भी क्षेत्र में आप कार्य कर रहे हैं उसमें सफलता प्राप्त होगी।

4- चौथा उपाय÷
जिन लोगों के जीवन में सुख शांति नहीं है पारिवारिक क्लेश बना रहता है कभी भी जीवन में सुख का अनुभव नहीं होता है दुख ही दुख रहते हैं उन जातकों को इस उपाय को अवश्य करना चाहिए।
इस उपाय को करने से गृह क्लेश से मुक्ति मिलेगी दीपावली के दिन रात्रि में लक्ष्मी पूजन के समय एक पानी वाला नारियल में लाल सूती कलावा को सात बार लपेटे पीने सिंदूर से स्वास्तिक बनाएं और धूप दीप दिखाने के बाद रात्रि के 12:00 बजने पर उस नारियल को पूजा के स्थान से उठाकर अपने ऊपर से 7 बार उतारे और नारियल को बीच चौराहे पर रख दें हाथ धुल कर सो जाएं ऐसा करने से आपके जीवन में सुख शांति की प्राप्ति होगी घर में चल रहे क्लेश का नाश होगा।

5-पांचवा उपाय÷
पांचवा उपाय बहुत ही चमत्कारी है जिनके जीवन में दांपत्य सुख नहीं है उन्हें यह उपाय अवश्य ही करना चाहिए इस उपाय को करने से दांपत्य जीवन सुख में व्यतीत होता है दीपावली के दिन आपको माता लक्ष्मी को केसर युक्त चावल की खीर बनाकर भोग लगाना पड़ेगा और पांच कुंवारी कन्याओं को इस खीर को वितरित करना पड़ेगा साथ ही कन्याओं को पैसे देकर पैर छुए इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होंगी पति पत्नी में  प्रेम हमेशा ही बना रहेगा ।

6-छठवां उपाय÷
यह उपाय बहुत ही चमत्कारी इस उपाय को एक बार जरूर करें दीपावली के दिन किसी किन्नर को मेहंदी खरीद कर भेंट करें और उस किन्नर से आशीर्वाद स्वरुप ₹1 का सिक्का प्राप्त कर लें उसके को लक्ष्मी पूजन में सम्मिलित करें पूजन के बाद सिक्के को तिजोरी में रखें लाल कपड़े में बांधकर लक्ष्मी पूजन के समय कमल के पुष्पों की माला माता लक्ष्मी को अर्पित करें इससे घर में धन की बढ़ोतरी होगी जीवन सुख में व्यतीत होगा पैसों की जीवन में कभी भी कमी नहीं रहेगी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी ।







Friday, October 29, 2021

सिद्ध नवग्रह स्त्रोत पाठ



 कुंडली दोष निवारण उपाय कुंडली में सभी ग्रहों को शांत रखने के लिए नवग्रह स्त्रोत पाठ करें 

Navgrah stotra

Astrologer- Pramod Krishna Shastri,LUCKNOW 

Call +91 8737866555


सनातन धर्म में नौ ग्रहों का विशेष स्थान बतलाया गया है शास्त्रों की माने तो नौ ग्रहों के अनुसार ही हम लोगों का जीवन चलता है हमारी कुंडली में कौन सा ग्रह किस स्थान पर बैठा हुआ है इस पर ही निर्भर करता है कि हमारे जीवन में कितने उतार-चढ़ाव आएंगे इसलिए यह बेहद जरूरी होता है कि आपकी कुंडली में ग्रह आपके अनुकूल ही बने रहें ताकि इन ग्रहों के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।

नवग्रह स्त्रोत पाठ संस्कृत में पढ़ना सीखें
 हमारे इस वीडियो के माध्यम से...

नवग्रह स्त्रोत्रम
जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महद्युतिं
तमोरिसर्व पापघ्नं प्रणतोस्मि दिवाकरं (रवि)
दधिशंख तुषाराभं क्षीरोदार्णव संभवं
नमामि शशिनं सोंमं शंभोर्मुकुट भूषणं (चंद्र)

धरणीगर्भ संभूतं विद्युत्कांतीं समप्रभं
कुमारं शक्तिहस्तंच मंगलं प्रणमाम्यहं (मंगळ)

प्रियंगुकलिका शामं रूपेणा प्रतिमं बुधं
सौम्यं सौम्य गुणपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहं (बुध)

देवानांच ऋषिणांच गुरुंकांचन सन्निभं
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिं (गुरु)

हिमकुंद मृणालाभं दैत्यानां परमं गुरूं
सर्वशास्त्र प्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहं (शुक्र)

नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजं
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्वरं (शनि)

अर्धकायं महावीर्यं चंद्रादित्य विमर्दनं
सिंहिका गर्भसंभूतं तं राहूं प्रणमाम्यहं (राहू)

पलाशपुष्प संकाशं तारका ग्रह मस्तकं
रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहं (केतु

फलश्रुति :
इति श्रीव्यासमुखोग्दीतम् यः पठेत् सुसमाहितः ।
दिवा वा यदि वा रात्रौ विघ्नशांतिर्भविष्यति ।। १० ।।
नर नारी नृपाणांच भवेत्  दुःस्वप्न नाशन ।
ऐश्वर्यमतुलं तेषां आरोग्यं पुष्टिवर्धनम् ।। ११ ।। 
ग्रह नक्षत्रजाः पीडास्तस्कराग्निसमुभ्दवाः ।
ता: सर्वाःप्रशमं यान्ति व्यासो ब्रुतेन संशयः ।। १२ ।।
।। इति श्रीव्यास विरचितम् आदित्यादी नवग्रह स्तोत्रं संपूर्णं ।।




नौ ग्रहों के नाम कुछ  इस प्रकार हैं÷

सूर्य, चंद्र ,मंगल, बुध बृहस्पति, शुक्र ,शनि राहु और केतु।

 नवग्रहों का संबंध हमारे शरीर के अंगों से होता है

 इन ग्रहों में कोई भी ग्रह यदि दुष्प्रभाव दिखाता है तो हमारे शरीर पर उसका बुरा प्रभाव पड़ता है किसी भी ग्रह की महादशा, अंतर्दशा जातक पर होती है तो उसका प्रभाव अवश्य ही हमारे जीवन पर पड़ता है

शनि की महादशा अंतर्दशा शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया आदि के दुष्प्रभाव से बचने के लिए नवग्रह स्तोत्र का पाठ अवश्य ही करना चाहिए इससे समर्थ समस्याओं का समाधान होता है नवग्रह प्रसन्न रहते हैं जिसे हमारे जीवन में आने वाली बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।



क्या कहती है आपकी भाग रेखा, bhagya Rekha हाथ में कैसे देखें भाग रेखा

 क्या कहती है आपकी भाग रेखा???,

 हाथ में कैसे देखें भाग रेखा??

 कितनी प्रकार की होती हैं भाग रेखा?? 

भाग रेखा से जुड़ी अनेकों रहस्य fate line जानने के लिए पूरा पढ़ें और हमारे इस वीडियो को देखें

मैं हूं आपके साथ ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री



bhagya Rekha

चित्र के माध्यम से समझें



हस्तरेखा के अनुसार हाथ में भाग रेखा का होना बहुत ही शुभ माना जाता है भाग रेखा में बताती है हमारे जीवन न्यू होने वाले शुभ योगों के बारे में कि व्यक्ति कैसा जीवन व्यतीत करेगा जीवन में कितनी तरक्की होगी गाड़ी बंगला का सुख प्राप्त होगा या नहीं सरकारी नौकरी मिलेगी कितना पैसा होगा जीवन में इन सभी प्रश्नों का उत्तर भाग रेखा #bhagya_Rekha के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है ,

हाथ में स्वयं कैसे देखे भाग रेखा??

चित्र के माध्यम से समझे हस्तरेखा के अनुसार भाग रेखा मणिबंध यानी कलाई से आरंभ होकर मध्यमा उंगली यानी सबसे बड़ी उंगली के नीचे स्थित शनि पर्वत तक जाती है कभी-कभी यह भाग रेखा हृदय रेखा से भी शुरू होती है कुछ लोगों के हाथ में जीवन रेखा के पास से या चंद्र पर्वत शुक्र पर्वत से भी भागने का आरंभ हो सकती है भागने का कहीं से भी प्रारंभ हो लेकिन यह खत्म शनि पर्वत और सूर्य पर्वत पर ही होती है कभी-कभी तर्जनी उंगली यानी गुरु पर्वत पर भी भाग रेखा खत्म होती है विस्तार से जानने के लिए हमारे इस वीडियो को जरूर देखें



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 हथेली से जुड़ी कुछ बेसिक जानकारी को चित्र के माध्यम से समझे जिससे आपको यह पता चल सके हथेली में कौनसा स्थान किस जगह है जिससे भाग्य रेखा को समझने में आसानी हो सके।

bhagya Rekha


1- शुक्र पर्वत आपके अंगूठे के नीचे वाले भाग में स्थित होता है।

2-तर्जनी यानी सबसे पहली उंगली के नीचे बृहस्पति यानी गुरु पर्वत होता है।

3-मध्यमा यानी सबसे बड़ी उंगली के नीचे के स्थान पर शनि पर्वत का स्थान माना जाता है।

4- सूर्य पर्वत अनामिका यानी सबसे छोटी उंगली के बगल वाली उंगली के नीचे होता है।


5-बुध पर्वत कनिष्ठ का यानी सबसे छोटी उंगली के नीचे होता है।


जानिए भाग्य रेखा के प्रकार एवं फायदे...

भाग्य रेखा मणिबंध यानी कलाई से आरंभ होकर स्पष्ट रूप से सीधी बिना कटे शनि पर्वत यानी सबसे बड़ी उंगली तक जाए तो ऐसा व्यक्ति राजा की तरह जिंदगी व्यतीत करता है 

स्क्रीन पर दिए गए चित्र के माध्यम से समझे

जिनकी भाग्य रेखा कलाई से शुरू होकर शनि पर्वत तक जाती है ऐसे लोगों का जीवन बहुत ही वैभव पूर्ण व्यतीत होता है ।

ऐसे जातकों के जीवन में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती यह जातक जिस क्षेत्र में कार्य करते हैं वहां उन्हें सफलता प्राप्त होती है इनके पास धन वैभव की कमी नहीं रहती है।


यदि भाग्य रेखा शनि पर्वत पर पहुंचकर दो भागों में बांट जाए जिसे दोमुंहा भी कहते हैं और एक मुंह गुरु पर्वत की ओर मुड़ जाए तो ऐसे जातक धर्म परायण एवं दानी होते हैं यह लोग दान देने में कभी भी संकोच नहीं करते ऐसे जातक अपना जीवन लोगों की भलाई के लिए समर्पित कर देते हैं इन्हें समाज में मान सम्मान बहुत अधिक प्राप्त होता है।


यदि हथेली के मध्य में मस्तिष्क रेखा के पास से भाग रेखा का आरंभ होता है तो ऐसे जातक बहुत ही भाग्यशाली होते हैं यह लोग सामान्य परिवार में जन्म लेने के बाद भी अपनी योग्यता और लगन से सफलता के उच्च शिखर को पा लेते हैं अपनी मेहनत के द्वारा सब कुछ प्राप्त कर लेते हैं इनके जीवन में जो भी इन्हें प्राप्त होता है स्वयं की मेहनत से ही इन्हें मिलता है।


यदि भाग्य रेखा कलाई से शुरू होकर सीधी शनि पर्वत को पार कर जाए उंगली के पूरे तक पहुंच जाए ऐसी भाग रेखा शुभ नहीं मानी जाती है ऐसे जातकों को अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है जीवन संघर्ष से भरा रहता है मेहनत करने के बाद भी सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है



यदि भाग रेखा मणिबंध से यानी कलाई से आरंभ होकर शनि पर्वत की ओर जाते हुए हृदय रेखा पर ही रुक जाए तो ऐसे जातकों को प्रेम संबंध के कारण जीवन में असफलताएं प्राप्त होती हैं यही रेखा यह गुरु पर्वत तक पहुंच जाए तो प्रेम संबंध के कारण अनेकों सफलताएं प्राप्त होती है धन की प्राप्ति हमेशा होती रहती है।


यदि भाग्य रेखा शुक्र पर्वत से निकलकर शनि पर्वत तक पहुंच जाए और साथ ही जितनी ज्यादा गहरी और स्पष्ट होती है उतना ही शुभ मानी जाती है यह रेखा जीवन रेखा को काटकर निकलती है इसलिए उस उम्र में जातक को अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन ऐसे जातकों को पत्नी बहुत ही सुंदर और सुशील प्राप्त होती है।


भाग रेखा जितनी गहरी मोटी और स्पष्ट होती है उसे उतना ही शुभ माना जाता है ऐसे लोग बहुत ही भाग्यशाली होते हैं इन लोगों को पैतृक संपत्ति का अधिक लाभ होता है इनके पास किसी भी वस्तु की कमी नहीं रहती है।



दर्शकों एक बात जीवन में हमेशा ध्यान रखना जिनके हाथों में भाग रेखा या रेखाएं सही नहीं है उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है जिनके हाथ में भाग रेखा नहीं होती है वह भी ऊंचे शिखर पर पहुंचते हुए देखे गए हैं जीवन में कर्म ही प्रधान होता है कर्म के द्वारा अपने भाग को भी बदल सकते हैं














हाथ की तीन रेखाएं होती हैं बेहद खास इनमें छुपे हुए जीवन से जुड़े अनेकों रहस्य

 हाथ में यह तीन रेखाएं होती हैं बेहद खास (palmistry lines) इनमें छुपे होते हैं जीवन से जुड़े अनेकों रहस्य...


palmistry lines

चित्र के अनुसार समझे
नमस्कार दोस्तों मैं हूं आपके साथ पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री आज हम बात करेंगे हाथ की मुख्य तीन रेखाओं के बारे में.. 
1जीवन रेखा
2 हृदय रेखा
3 मस्तिष्क रेखा

हस्त रेखा को भारतीय ज्योतिष का अभिन्न अंग माना गया है हाथ की रेखाओं की सहायता से व्यक्ति के जीवन मैं घटने वाली घटनाओं का पहले से ही अनुमान लगाया जा सकता है।

आइए जानते हैं जीवन रेखा ( life  line) कितने प्रकार की होती है??


हस्त रेखाओं के बारे में जानने की हमारे इस वीडियो को जरूर देखें...
 
Astrologer pramod Krishna Shastri 
Call +918737866555







1 कटी हुई जीवन रेखा
 2 छोटी जीवन रेखा
 3 जंजीर की तरह जीवन रेखा
 4 जीवन रेखा में क्रॉस का निशान
5 जीवन रेखा का पूर्ण रूप से ना बनना
6 लंबी एवं गहरी जीवन रेखा
7 मोटी जीवन रेखा


लंबी एवं गहरी जीवन रेखा...

जिन लोगों के हथेली में जीवन रेखा लंबी एवं गहरी होती है वह लोग जीवन भर निरोगी रहते हैं साथ ही लंबी आयु समझी जाती है।


जीवन रेखा में क्रॉस (×) का निशान...


अगर किसी के हाथ में जीवन रेखा के अंत में क्रॉस का निशान होता है तो इसका संकेत होता है कि व्यक्ति को जीवन के अंतिम समय में अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


क्या आपके हाथ में छोटी जीवन रेखा है ???

जिन लोगों के हाथों में छोटी जीवन रेखा होती ऐसे लोग बहुत ही कोमल स्वभाव के होते हैं इसी स्वभाव के कारण लोग उन पर हावी होने का प्रयास करते हैं साथ ही ऐसे जातकों का जीवन बीमारियों से घिरा रहता है साथी छोटी-मोटी दुर्घटनाएं घटती रहती हैं छोटी जीवन रेखा संकेत करती है कम उम्र के बारे में



कटी हुई जीवन रेखा

जिन जातक के हाथ में जीवन रेखा को अनेकों छोटी-छोटी रेखाएं काट रही है तो व्यक्ति के जीवन में कोई बड़ी बीमारी या सड़क दुर्घटना आदि का सामना करना पड़ सकता है।


यदि जीवन रेखा साफ-सुथरी और स्पष्ट रूप से अर्ध गोलाकार के आकार की है तो ऐसी रेखा बहुत ही शुभ मानी जाती है ऐसे लोग बहुत ही उत्साह ही ऊर्जावान और लंबी उम्र के होते हैं इनका जीवन हमेशा ही निरोगी रहता है।


हाथ की हथेली में जंजीर की तरह जीवन रेखा

ऐसा व्यक्ति जिसके हाथ में जंजीर की तरह जीवन रेखा होती है वह हमेशा ही बीमारियों से घिरा रहता है।
 जंजीर की तरह जीवन रेखा जगह-जगह कटीली होती है जिसके कारण अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है शारीरिक कष्ट जीवन भर प्राप्त होता है



जानिए हृदय रेखा के बारे में...


फिर तो रेखा का आरंभ तर्जनी उंगली के पास से होता है
तर्जनी उंगली से होते हुए कनिष्ठा उंगली की ओर ह्रदय रेखा जाती है।

कभी-कभी हृदय रेखा पहली और दूसरी उंगली के बीच से शुरू होती है किसी के हाथ में शनि पर्वत यानी सबसे बड़ी उंगली में से रेखा आरंभ होती है जो कि कनिष्ठ का यानी सबसे छोटी उंगली तक जाती है।


जिनके हाथ में हृदय रेखा ना के बराबर होती है हृदय रेखा का ना होना संकेत देता है कि ऐसे लोग बहुत ही स्वार्थी होते हैं चतुर तर्क करने में माहिर और कामुक होते हैं।
ऐसे लोग दिल से नहीं दिमाग से काम लेते हैं ऐसे लोग हमेशा ही संवेदनाओं से दूर रहते हैं।
 इनके जीवन में प्रेम कोई मतलब नहीं होता है।

जिनके हाथ में हृदय रेखा आधी अधूरी है मृत्यु हुई नजर आती है ऐसे लोगों के जीवन में प्रेम की कमी हमेशा रहती है इनको प्यार में हमेशा धोखा ही मिलता है जीवन में आनंद का अभाव रहता है।

यदि हृदय रेखा लंबी दोषमुक्त होती है तो ऐसे जातकों के जीवन में प्रेम की कमी नहीं रहती उन्हें प्रेम में बहुत ही अच्छे परिणाम हासिल होते हैं यदि हृदय रेखा मस्तिष्क रेखा से जुड़ जाए या अन्य कोई रेखा हृदय रेखा को काट दे तो ऐसे लोग हमेशा ही तनाव भरा जीवन व्यतीत करते हैं।



अब जानेंगे मस्तिष्क रेखा के बारे में...


जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा का आपस में बहुत ही गहरा संबंध होता है।
ज्यादातर जीवन रेखा के अंदर से मिलते हुए मस्तिष्क रेखा का आरंभ होता है

यदि मस्तिष्क रेखा जहां समाप्त होती है वहां क्रॉस का निशान हो तो ऐसे जातक वृद्धावस्था में मंदबुद्धि के हो जाते हैं ऐसा ज्योतिष शास्त्र कहता है।










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