Friday, September 24, 2021

जन्म कुंडली में जाने नौकरी है या व्यापार

जन्म कुंडली में क्या है नौकरी या फिर व्यापार ???

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली में 12 भाग होते हैं कुंडली के दशम भाव से ही पता चलता है कि व्यक्ति क्या करेगा सरकारी नौकरी मिलेगी या प्राइवेट नौकरी करना पड़ेगा

जन्म कुंडली के 11 वे स्थान से पता चलता है कि व्यक्ति क्या काम आएग नौकरी मिलने के बाद या फिर व्यापार में कितना काम आएगा जीवन में धनवान बनने का योग है या नहीं

जन्म कुंडली के द्वितीय भाव से पता चलता है जातक पैसा कितना बचाएगा यह बात बहुत ही अहम होती है हम कमाते तो बहुत हैं पूरा जीवन काम आते हैं लेकिन पैसा बचता नहीं है मैंने बहुत लोगों के मुख से यह सुना है कि मैं बहुत कम आता हूं लेकिन पैसा बचा नहीं पाता कुंडली के द्वितीय भाव से यह पता चलता है कि आप पैसा बचा पाएंगे या नहीं।



जन्म कुंडली में दशम भाव के स्वामी को दशमेश या कर्मेश भी कहते हैं इस भाव से यह देखा जाता है कि व्यक्ति किस क्षेत्र में कार्य करेगा सरकारी नौकरी मिलेगी या प्राइवेट नौकरी करना पड़ेगा अगर सरकारी नौकरी नहीं मिली प्राइवेट नौकरी का भी कोई योग नहीं है तो फिर व्यापार कौन सा करेगा किस व्यापार में सफलता मिलेगी किस क्षेत्र में कार्य करेगा यह दशम भाव से जाना जा सकता है।

दशम भाव नवग्रह फल



 दशम भाव में वृश्चिक राशि का सूर्य  हमेशा चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा अधिकारी बनाता है या फिर सीनियर डॉक्टर आदि बनता है जातक मेष कर्क सिंह या धनु राशि का सूर्य सेना में ऊंचा पद प्रदान कराता है पुलिस अधिकारी भी बना सकता है 



मेष राशि सिंह राशि वृश्चिक राशि या धनु राशि का मंगल जातकों को प्राइवेट चिकित्सक सर्जन बनाता है प्राइवेट डॉक्टर बनने के योग होते हैं मंगल धन प्राप्ति का योग बनाता है यदि मंगल का सूर्य से संबंध होता तो व्यक्ति सोने चांदी का भी काम कर सकता है इस क्षेत्र में अधिक लाभ होता ह


  1. शनि का संबंध यदि चतुर्थ भाव या चतुर्थेश से हो तो जातक लोहे कोयले मिट्टी के तेल जैसा व्यापार कर सकता है इसमें उसे विशेष लाभ प्राप्त होता है अधिक सफलता मिलती है
  2. यदि दशम भाव में एक से अधिक ग्रह हो और उनमें से जो ग्रह सबसे अधिक बलवान होगा जातक उससे जुड़ा व्यापार करें तो अधिक लाभ होगा जैसे दशम भाव में मंगल हो तो प्रॉपर्टी निवेश अथवा पुलिसिया सोने में भी निवेश कर सकता है।
  • यदि दशम भाव में कोई ग्रह न हो तो दशम भाव के स्वामी के अनुसार व्यापार तय होता है
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जन्म कुंडली के अनुसार नौकरी करें या व्यापार किस कार्यक्षेत्र में मिलेगी अधिक सफलता
लोगों के मनमें ये प्रश्न जरूर आता है।
उन्हें नौकरी करना चाहिए या व्यापार
नौकरी में भी प्राइवेट नौकरी करनी पड़ेगी या मिलेगी सरकारी नौकरी व्यापार करें भी तो कौन सा जो अधिक फलीभूत हो सके।
जन्म कुंडली में 12 भाव होते हैं उन्हीं के आधार पर जातक की कुंडली में नौकरी या व्यापार के बारे में जाना जाता है


Thursday, September 23, 2021

पंचक में क्या करें क्या ना करें

 पंचक में क्या करें क्या न करें??  कितने प्रकार के होते हैं पंचक


क्या। पंचक में मृत्यु होने पर 5 लोगों की होती है मृत्यु की आशंका ?????


क्या होता है पंचक

हिंदू धर्म में किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों को करने से पहले शुभ मुहूर्त जरूर देखा जाता है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य में सफलता प्राप्त होती है वही अशुभ मुहूर्त में किया गया कार्य सफल नहीं होता अनेकों बाधाएं उत्पन्न होती है कोई भी शुभ कार्य करने से पहले पंचक के बारे में अवश्य जान लेना चाहिए।

5 नक्षत्रों के बीच का समय पंचक काल कहलाता है धनिष्ठा, नक्षत्र सतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र के चारों चरण में भ्रमण काल पंचक होता है इस पंचक काल को बहुत ही अमंगल सूचक माना जाता है।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार देखें तो पंचक को बहुत ही अशुभ माना जाता है इस समय कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए ।  


जानिए कितने प्रकार के होते हैं पंचक???

1-रोग पंचक

 2-राज पंचक

3- अग्नि पंचक

4- मृत्यु पंचक

5- चोर पंचक


पंचक में मृत्यु होने पर क्या होता है 5 लोगों की मृत्यु की आशंका बनी रहती है इससे कैसे बचें

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माने तो ऐसी मान्यता है कि पंचक काल का समय बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार पंचक काल को बहुत ही अशुभ माना जाता है पुराणों के अनुसार जब भगवान श्री राम द्वारा रावण का वध हुआ रावण की मृत्यु के बाद से ही 5 दिन का पंचक माना जाता है।

ज्योतिष के अनुसार अगर पंचक काल में किसी की मृत्यु हो जाए तो उसे अशुभ मानते हैं क्योंकि उसके साथ ही परिवार में 5 लोगों की मृत्यु की आशंका बनी रहती है इससे बचने के लिए मृतक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के समय पांच जो के आटे के पुतले या फिर कुछ से बने पुतली बनाकर उसका भी मृतक के साथ दाह संस्कार करने का विधान है ऐसा करने से पंचर दोष समाप्त हो जाता है परिवार में 5 लोगों की मृत्यु की आशंका भी समाप्त हो जाती है।

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Wednesday, September 22, 2021

श्री महामृत्युंजय मंत्र जप के चमत्कारिक फायदे

 श्रीमहामृत्युंजय मंत्र जप अनुष्ठान से जन्मकुंडली के अनेकों दोष समाप्त हो जाते हैं।


रोग से मुक्ति
जो लोग हमेशा बीमारी से परेशान रहते हैं बीमारी उनका पीछा नहीं छोड़ती घर में कोई न कोई बीमार ही बना रहता है उन्हें महामृत्युंजय मंत्र जप अनुष्ठान अवश्य कराना चाहिए इससे उन्हें विशेष लाभ प्राप्त होगा। 

दीर्घायु प्राप्ति
जिन जातकों की कुंडली में अल्प आयु दोष है या फिर मार्केट बन गया है उन्हें मृत्यु का भय सता रहा है ऐसे जातकों को
श्री महामृत्युंजय मंत्र का सवा लाख जप करवाना चाहिए इससे उनके कुंडली का मार्केस समाप्त हो जाएगा लंबी उम्र प्राप्त होगी।

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धन प्राप्ति के लिए

श्री महामृत्युंजय मंत्र जप से जातक पैसों की तंगी से छुटकारा पा सकता है इस मंत्र जप से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है सुख समृद्धि से घर परिवार परिपूर्ण हो जाता है व्यापार में बढ़ोतरी होती है मान सम्मान बढ़ता है।

 श्री महामृत्युंजय मंत्र जप से सभी बिगड़े काम बन जाते हैं। विशेष रूप से कहे तो संसार में ऐसा कोई कार्य नहीं जो महामृत्युंजय मंत्र के प्रभाव से पूर्ण ना हो सके।

  •  बड़े से बड़े कार्य को भी इस मंत्र जप के द्वारा किया जा सकता है महामृत्युंजय मंत्र जप से देवाधिदेव महादेव भगवान भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं और सभी मनोकामना पूर्ण कर देते हैं।





जानिए हाथ की उंगलियों में शंख और चक्र का रहस्य

 

हाथ की उंगलियों में शंख और चक्र

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार देखे तो हाथ की उंगलियों के पोरों में शंख और चक्र के निशान का विशेष महत्व बताया गया है। इन चिन्हों के द्वारा व्यक्ति के जीवन मैं आने वाली परेशानियों एवं समस्त सुख वैभव के बारे में पता चलता है।

आइए जानते हैं उंगलियों पर शंख के निशान का क्या महत्व होता है हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार देखे तो हाथ की उंगलियों में शंख के निशान का विशेष महत्त्व है

ज्योतिषाचार्य - पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज के अनुसार जाने÷pramod Krishna Shastri 

शंख÷ 

हिंदू धर्म में शंख का विशेष स्थान है इसे बहुत ही पवित्र माना जाता है। हिंदू देवी देवता संत अपने हाथ में धारण करते हैं शंख विजय का सूचक भी माना जाता है।


चक्र÷

चक्र भगवान विष्णु से संबंधित क्षेत्र का चिन्ह हाथ की उंगलियों के पूर्व में पाया जाता है कभी-कभी यह चिह्न हथेली में भी मिल जाता है जिन जातकों के हथेली में चक्र का निशान होता है वह बहुत ही भाग्यशाली होते हैं उनके जीवन में कभी भी किसी भी वस्तु की कमी नहीं रहती है।

हथेली पर बनी रेखाओं के बारे में तो हर कोई जान लेता है उन्हें देखकर अपना भविष्य तय कर सकता है लेकिन उंगलियों के पोरों में बने चक्र के निशान पर कम ही लोगों का ध्यान जाता है उंगलियों में शंख और चक्र से भी जीवन में बहुत कुछ जाना जा सकता है।

संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे इस वीडियो को जरूर देखें


हस्तरेखा

Hastrekha

 उंगली में चक्र का निशान

Janm kundli 

Sankh 

हाथ में शंख का निशान

Chakra 

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दक्षिणावर्ती शंख के लाभ

दक्षिणावर्ती शंख का जल घर में छिड़कने से अनेकों लाभ होते हैं भगवान नारायण का संघ के द्वारा गाय के दूध से अभिषेक करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है आर्थिक स्थिति मजबूत होती है भगवान विष्णु का युद्ध होने के कारण जिस स्थान में दक्षिणावर्ती शंख होता है वहां कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं रहती दक्षिणावर्ती शंख को बहुत ही मंगलकारी माना जाता है जिस स्थान पर दक्षिणावर्ती शंख होता है वहां पर लाभ ही लाभ होता है दक्षिणावर्ती शंख के दर्शन मात्र से हनी को परेशानियों का नाश हो जाता है व्यापारी किस स्थान में दक्षिणावर्ती शंख को रखने से व्यापार में वृद्धि होती आर्थिक स्थिति मजबूत होती है

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घर में दक्षिणावर्ती शंख रखने के नियम

घर में हमेशा दो शंख रखने चाहिए एक शंख बजाने के लिए और दूसरा संत भगवान के अभिषेक पूजन आदि के लिए दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर ही रखना चाहिए दूसरे दिन उस जल को घर में छिड़कना चाहिए इससे घर में अनेकों लाभ होते हैं घर में शुद्धता बनी रहती है घर की नकारात्मक शक्तियां समाप्त होती है और सकारात्मक शक्तियां विराजमान हो जाती हैं सनातन धर्म ग्रंथों में संत से जुड़ी अनेकों कथाएं मिलती है मार्कंडेय पुराण श्रीमद्भागवत पुराण आदमी दक्षिणावर्ती शंख के बारे में विस्तार से बताया गया है।



माणिक्य रत्न के चमत्कारी फायदे

  12 राशियों में माणिक रत्न धारण करने से किसे होगा लाभ और किसे होगी हानि??? राशि के अनुसार किसे माणिक रत्न धारण करना चाहिए?? Pramod Krishna ...