Showing posts with label Rudrabhisek pooja. Show all posts
Showing posts with label Rudrabhisek pooja. Show all posts

Tuesday, July 19, 2022

श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की पूजा के चमत्कारी फायदे

 रुद्राभिषेक करने  के फायदे 

श्रावण मास में देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक पूजन करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। श्रावण मास में किसी भी दिन उधर से किया जा सकता है श्रावण मास के सोमवार के दिन भोलेनाथ के पूजन का विशेष महत्व होता है।

रुद्राभिषेक पूजन के फायदे rudrabhisek pooja
         रूद्र - अर्थात भगवान शिव
रुद्राभिषेक पूजन करने से जातक की जन्मकुंडली के अनेकों दोष समाप्त हो जाते हैं यदि जन्म कुंडली में शनि दोष है या शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया आदि चल रही है या फिर शनि ,राहु ,केतु की महादशा चल रही है या अंतर्दशा तू भी रुद्राभिषेक पूजन करने से शांति प्राप्त होती है।
जन्म कुंडली में कालसर्प दोष होने पर लोग भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते हैं साथी नाग नागिन का पूजन करते हैं इससे उन्हें विशेष लाभ प्राप्त होता है।

यह भी पढें ...

रुद्राभिषेक पूजन कब करना चाहिए

रुद्राभिषेक कभी भी किया जा सकता है लेकिन रुद्राभिषेक करने से पहले शिववास का विचार जरूर करना चाहिए।
भगवान भोलेनाथ का अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग स्थान पर वास होता है जिसका अलग-अलग लाभ प्राप्त होता है।
Please watch this video, rudrabhisek pooja



शिवरात्रि प्रदोष श्रावण मास मैं सोमवार के दिन शिव वास का विचार किए बिना भी रुद्राभिषेक किया जा सकता है शिव महापुराण के अंतर्गत इन तिथियों रुद्राभिषेक पूजन करने का अलग ही महत्व बताया गया है।

यह भी पढें...


किस द्रव्य से रुद्राभिषेक करने से क्या लाभ प्राप्त होता है??


यदि आप रोग बीमारी से परेशान हैं घर से बीमारी जाती ही नहीं तो (कुशोदक) कुश के जल से रुद्राभिषेक करना चाहिए।

यदि आप की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है पैसों से हमेशा परेशान रहते हैं तो गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना चाहिए।

यदि आपके शत्रुओं की संख्या बढ़ रही है तो सरसों के तेल से अभिषेक करें इससे शत्रुओं का नाश होगा ।

यह भी पढें ...

तीर्थों के जल से रुद्राभिषेक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है भगवान के प्रति प्रेम बढ़ता है।

इत्र के जल से रुद्राभिषेक करने से बीमारी समाप्त होती है

ज्वर की शांति के लिए गंगाजल युक्त शीतल जल से रुद्राभिषेक पूजन करना चाहिए।

प्रमेह रोग के निवारण हेतु गाय के दूध से रुद्राभिषेक करें

सृष्टिकर्ता श्री ब्रह्मा जी ने अपने मुखारविंद उसे स्वयं वर्णन किया है जब कोई भक्त भगवान शिव का रुद्राभिषेक करता है तो स्वयं भगवान देवाधिदेव महादेव उसे स्वीकार करते हैं संसार में ऐसी कोई वस्तु नहीं जो रुद्राभिषेक करने से प्राप्त ना हो सके सुख समृद्धि यश वैभव लक्ष्मी कीर्ति संतान आदि।

माणिक्य रत्न के चमत्कारी फायदे

  12 राशियों में माणिक रत्न धारण करने से किसे होगा लाभ और किसे होगी हानि??? राशि के अनुसार किसे माणिक रत्न धारण करना चाहिए?? Pramod Krishna ...