पितृदोष के कारण एवं लक्षण ??? #Pitra_dosh #pitru_Paksh
ज्योतिषाचार्य प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज से जानिए पितृदोष निवारक अचूक उपाय, पितृदोष के कारण एवं लक्षण #pitra_dosh_nivaran_upay
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखे तो जन्म कुंडली में कुछ योग ऐसे होते हैं। जो बहुत ही शुभ माने जाते हैं जिनसे अनेकों लाभ होते हैं। वहीं कुछ योग ऐसे भी होते हैं जो बहुत ही अशुभ होते हैं जिसके कारण जीवन परेशानियों से भरा रहता है। जी हां हम बात कर रहे हैं पित्र दोष के बारे में जन्म कुंडली में पितृ दोष का होना बहुत ही अशुभ माना जाता है।
पितृदोष के क्या लक्षण होते हैं कैसे जाने पितृदोष है या नहीं ?? #kundli_dosh
यदि जन्म कुंडली में पित्र दोष है तो संतान प्राप्ति में अनेकों बाधाएं आती हैं कभी-कभी तो संतान सुख से वंचित रहना पड़ता है और यदि संतान हो भी गई तो मंदबुद्धि या विकलांग पैदा होती है।
यदि आप नौकरी या व्यापार करते हैं तो उसमें मेहनत करने के बाद भी हानि ही होती है अनेकों प्रयास के बाद भी असफलता ही हाथ आती है।
पित्र दोष के कारण घर में हमेशा लड़ाई झगड़े होते रहते हैं घर में कभी भी शांति नहीं रहती है एक दूसरे के लिए एकता का भाव बना रहता है।
जिस घर में पितृदोष लगा होता है उस घर में कोई ना कोई लगातार बीमार रहता है इलाज के बाद भी बीमारी समाप्त नहीं होती है ।
पितृदोष के कारण घर में भोजन को इस समय भोजन को लेकर हमेशा ही झगड़ा होता है।
पितृदोष के कारण घर में कोई शुभ कार्य नहीं होता और यदि शुभ कार्य हुआ भी तो उसमें लड़ाई झगड़े होते।
विवाह के योग होने पर भी दीवाना होना।
पितृदोष के कारण घर के कमाने वाले व्यक्ति को चोट लगना एक्सीडेंट हो जाना बीमार पड़ जाना ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
पितृदोष के कारण घर परिवार में कम उम्र के लोगों का बीमारी से या या किसी दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाना
घर परिवार के सदस्यों पर प्रेत बाधा का प्रभाव होना घर में मांगलिक कार्यों का ना होना ग्रह के लिए शादी ऐसे लक्षण होन पर समझे कि घर में पितृदोष है।
घर परिवार में मृत्यु के बाद विधिवत अंतिम संस्कार न करना आज के समय में लोगों के पास समय ना होने के कारण तेरहवीं को 3 या 5 दिन में संपन्न कर देना ही पितृदोष का सबसे बड़ा कारण बनता है।
पितृपक्ष में विद्वत सराधना करना जिससे पुत्र नाराज हो जाते हैं और पित्र दोष उत्पन्न हो जाता है धर्म के विरुद्ध आचरण करने से भी पित्र नाराज हो जाते हैं ।
पीपल बरगद के पेड़ को काटने या कटवाने से भी पितृदोष उत्पन्न हो जाता है।
पितृदोष निवारण उपाय÷ इन उपायों को करने से धीरे-धीरे पित्र दोष समाप्त हो जाता है।
आश्विन मास के श्राद्ध पक्ष में जिसे पितृपक्ष के नाम से भी जाना जाता है।
पितृपक्ष में नित्य पितरों के लिए तर्पण करें काले तिल पुष्प जल में डालकर पितरों को अर्पित करें।
पितृदोष निवारण हेतु पीपल के वृक्ष पर कच्चा गाय का दूध चढ़ाएं ॥ ॐ पित्र देवताभ्यो नमः ॥ मंत्र का जप करते हुए पीपल की 11 या 21 बार परिक्रमा करें इससे पित्र दोष से मुक्ति मिलेगी।
पितृदोष निवारण हेतु पितृपक्ष में प्रतिपदा तिथि के दिन गरी के गोले में देसी घी आटे और चीनी से बनी पंजीरी भर के पीपल के पेड़ के नीचे मिट्टी खोदकर दबा दें इससे पित्र दोष में लाभ होता है।
प्रत्येक अमावस्या के दिन घर में पितृ गायत्री मंत्र के द्वारा हवन करें 1 वर्ष लगातार हवन के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर दक्षिणा आदि प्रदान करें।
प्रत्येक अमावस्या के दिन श्रीमद्भागवत महापुराण के गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें या ब्राह्मण के द्वारा कराएं।
प्रत्येक अमावस्या के दिन प्रातः कालीन संध्या काल में कच्चा गाय का दूध पीपल के वृक्ष पर चढ़ाएं दूध और चावल से बनी खीर बनाकर ब्राह्मण को खिलाएं दक्षिणा प्रदान करें।
सवा किलो चावल साबुत खरीद कर घर ले आए मिथुन चावल में से एक मुट्ठी चावल अपने ऊपर उतार कर पीपल वृक्ष के नीचे डाल दें यह उपाय लगातार 41 दिनों तक करें इससे पितृ दोष शांत होगा।
जन्म कुंडली में पित्र दष होने पर जातक को अपने स्वर्गीय परिजनों का फोटो घर के दक्षिण दिशा की ओर दीवार पर लगाकर मिथुन का स्मरण करें चंदन की माला पहनाए।
काले उड़द के आटे से बनी रोटी में सरसों का तेल लगाकर प्रत्येक शनिवार के दिन काले रंग के कुत्ते को खिलाएं इससे शनि राहु केतु ग्रहों की कृपा प्राप्त होगी पित्र दोष शांत होगा।
पितृ दोष निवारण हेतु किसी विद्वान ब्राह्मण के द्वारा सप्त दिवसीय पित्र दोष निवारक अनुष्ठान संपन्न कराएं इस अनुष्ठान से पूर्ण रुप से पित्र दोष से मुक्ति मिलेगी
घर परिवार एकजुट होकर सप्त दिवसीय श्रीमद् गवत महापुराण कथा श्रवण करें भंडारा करें इक्कीस ब्राह्मणों को भोजन कराएं। इन उपायों में से कोई भी उपाय श्रद्धा और विश्वास के साथ करें जिससे आपको लाभ होगा।
क्या आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं,??? क्या कर्जे का बोझ बढ़ रहा है??? पैसा आता तो बहुत है लेकिन रुकता नहीं है क्या घर की बरकत समाप्त हो गई है???
अगर इन समस्याओं से आप परेशान हैं तो गुरुवार के दिन इन चमत्कारी उपाय को जरूर करें...
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दर्शकों ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज pramod Krishna shastri call 8737866555 के द्वारा बताए गए उपायों को जरूर करें इससे अनेकों लाभ होंगे,
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित होते हैं उसी प्रकार गुरुवार का दिन भगवान नारायण और देवताओं की गुरु बृहस्पति देव को समर्पित माना जाता है बृहस्पति देव धन के कारक माने जाते हैं इसलिए बृहस्पतिवार को भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।
धन संपदा में वृद्धि होती है।
वैवाहिक जीवन सुखमय व्यतीत होता है।
व्यापार में लाभ होता है विवाह में आ रही
बाधाएं समाप्त होती हैं
और भी अनेकों लाभ होते हैं
1- वैवाहिक जीवन के लिए विशेष उपाय÷
अगर आपके वैवाहिक जीवन में कल है चल रही है पति पत्नी में झगड़ा होता रहता है एक दूसरे में 1 मिनट भी नहीं बनती तो इस उपाय को जरूर करें।
बृहस्पतिवार के दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा घर में लेकर आए पीले आसन पर घर के मंदिर में विराजमान करें स्वयं भी गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें
भगवान नारायण की प्रतिमा
भगवान विष्णु की धूप दीप नैवेद्य से पूजन करें पूजन में पीले फूल चढ़ाएं पीला चंदन भगवान को लगाकर स्वयं भी लगाएं पीले रंग की मिठाई और केसर युक्त खीर बनाकर भोग लगाएं पूजन के बाद खीर कन्याओं को बांटे इस उपाय को लगातार 11 बृहस्पतिवार करें व्रत रखने से विशेष लाभ होगा गुरुवार के दिन लहसुन प्याज वर्जित करें।
गुरुवार के दिन इन कार्यों को भूलकर भी ना करें अन्यथा आर्थिक तंगी से करना पड़ सकता है सामना कर दिए का बोझ भी बढ़ सकता है
गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की ओर यात्रा ना करें इस दिन दक्षिण दिशा की ओर दिशाशूल माना जाता है यदि यात्रा बहुत जरूरी है तू एक चुटकी जीरा खाकर यात्रा कर सकते हैं।
गुरुवार के दिन शविंग ना बनाएं शरीरके कोई भी बाल और नाखून ना काटे इससे आर्थिक स्थिति कमजोर होती है।
गुरुवार के दिन भोजन करते समय ऊपर से नमक डालकर भोजन ना करें इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है गुरुवार के दिन ऊपर से नमक खाने से कुंडली में गुरु कमजोर हो जाता है।
गुरुवार के दिन आंखों से जुड़ी कोई भी वस्तु ना खरीदें पूजा पाठ से जुड़ी बस तुम्हें भी नहीं खरीदनी चाहिए बृहस्पतिवार के दिन घर में नुकीली वस्तुए ना लाएं जैसे चाकू कैंची लोहे के बर्तन आदि।
गुरुवार के दिन दूध और केला साथ ही खिचड़ी खाना वर्जित माना गया है इस दिन इन वस्तुओं का त्याग करें।
गुरुवार के दिन कपड़े धोना वर्जित माना जाता है इस दिन महिलाओं को बाल नहीं धुलना चाहिए इससे गुरु कमजोर होता है।
यदि आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो इस उपाय को जरूर करें÷
आर्थिक तंगी से परेशान
गुरुवार के दिन नहाते समय जल में तीन चुटकी हल्दी और गंगा जल मिलाकर स्नान करें स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करके चांदी के गिलास में कच्चा गाय का दूध तुलसी वृक्ष की जड़ में अर्पित करें संध्याकाल में तुलसी जी के पास देसी घी का दीपक जलाएं सनातन धर्म में तुलसी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है भगवान विष्णु जी को तुलसी बहुत ही ज्यादा प्रिय है इस उपाय से आर्थिक तंगी और कर्ज से छुटकारा मिलेगा।
श्रावण मास में देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक पूजन करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। श्रावण मास में किसी भी दिन उधर से किया जा सकता है श्रावण मास के सोमवार के दिन भोलेनाथ के पूजन का विशेष महत्व होता है।
रूद्र - अर्थात भगवान शिव
रुद्राभिषेक पूजन करने से जातक की जन्मकुंडली के अनेकों दोष समाप्त हो जाते हैं यदि जन्म कुंडली में शनि दोष है या शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया आदि चल रही है या फिर शनि ,राहु ,केतु की महादशा चल रही है या अंतर्दशा तू भी रुद्राभिषेक पूजन करने से शांति प्राप्त होती है।
जन्म कुंडली में कालसर्प दोष होने पर लोग भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते हैं साथी नाग नागिन का पूजन करते हैं इससे उन्हें विशेष लाभ प्राप्त होता है।
रुद्राभिषेक कभी भी किया जा सकता है लेकिन रुद्राभिषेक करने से पहले शिववास का विचार जरूर करना चाहिए।
भगवान भोलेनाथ का अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग स्थान पर वास होता है जिसका अलग-अलग लाभ प्राप्त होता है।
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शिवरात्रि प्रदोष श्रावण मास मैं सोमवार के दिन शिव वास का विचार किए बिना भी रुद्राभिषेक किया जा सकता है शिव महापुराण के अंतर्गत इन तिथियों रुद्राभिषेक पूजन करने का अलग ही महत्व बताया गया है।
तीर्थों के जल से रुद्राभिषेक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है भगवान के प्रति प्रेम बढ़ता है।
इत्र के जल से रुद्राभिषेक करने से बीमारी समाप्त होती है
ज्वर की शांति के लिए गंगाजल युक्त शीतल जल से रुद्राभिषेक पूजन करना चाहिए।
प्रमेह रोग के निवारण हेतु गाय के दूध से रुद्राभिषेक करें
सृष्टिकर्ता श्री ब्रह्मा जी ने अपने मुखारविंद उसे स्वयं वर्णन किया है जब कोई भक्त भगवान शिव का रुद्राभिषेक करता है तो स्वयं भगवान देवाधिदेव महादेव उसे स्वीकार करते हैं संसार में ऐसी कोई वस्तु नहीं जो रुद्राभिषेक करने से प्राप्त ना हो सके सुख समृद्धि यश वैभव लक्ष्मी कीर्ति संतान आदि।
बच्चों को लगी नजर कैसे उतारे काली नजर से बचने और उसे दूर करने के लिए पूरा पढ़ें...
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज
श्रीहनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र लखनऊ- 8737866555
हम अपने जीवन में कई बार छोटी-छोटी घटनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं ऐसा भूलकर भी नहीं करना चाहिए ऐसा कई बार होता है जीवन में चलते-चलते चीजें बंद हो जाती है अचानक से व्यापार में नुकसान होने लगता है।
हमारे घर परिवार में नजर दोष के कारण हंसता खेलता छोटा बच्चा गुमसुम सा हो जाता है या फिर लगातार रोता ही रहता है दूध नहीं पीता है।
कार्यों में अड़चनें आने लगती हैं बहुत कोशिशों के बाद भी असफलता का ही सामना करना पड़ता है।
यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा ही घटित हो रहा है तो आपको नजर दोष के बारे में जरूर जानना चाहिए जी हां कई बार आपक कारोबार को आपकी खुशियों को दूसरे की नजर लग जाती है और आपको पता भी नहीं चलता है।
जानिए क्या होता है नजर दोष??
नजर दोष के कारण लोगों के जीवन में अचानक अनेकों तरह की परेशानियां आने लगती है ऐसी मान्यता है कि जब किसी को किसी की बुरी नजर लगती है तो उसकी सकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है और साथ ही नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है।
जब आपको लगे कि अचानक ही आप के कारोबार में नुकसान होने लगा है मेहनत करने के बाद भी हानि हो रही है व्यापार में किसी की नजर लग गई है तो उसे दूर करने के लिए इन उपायों को जरूर करें
1- दुकान से एक नया चाकू खरीद ले एक नींबू तीन जोड़ा लॉन्ग हाथ के मुट्ठी में दबा लें और अब व्यापारिक स्थल के सभी कोने तक नींबू लोंग का उतारा करें इसके बाद बाहर जाकर नींबू काटकर लॉन्ग के साथ उत्तर दिशा में फेंक दें लॉन्ग नींबू का उतारा करते समय कोई टोके ना इस बात का भी ध्यान रखें चाकू को भी बाहर ही फेंक दें यह उपाय शनिवार की रात को करने से अधिक लाभ होता है।
2- शनिवार के दिन श्री हनुमान जी महाराज की लाल रंग की मूर्ति जो आशीर्वाद देते हुए मुद्रा में होनी चाहिए
उसे व्यापारिक स्थल में स्थापित करें रोज लाल रंग के फूल चढ़ाएं।
3- व्यापारिक स्थल पर तीन अंगूर लंबा चौड़ा पीले सिंदूर और गाय के घी से गेट के दोनों तरफ स्वास्तिक बनाएं इस उपाय को करने से नजर तो उतर ही जाएगी साथ ही कारोबार में वृद्धि भी होगी। Please watch this video
छोटे बच्चे के दूध पर नजर दोष कैसे मिटाएं
यदि आपके छोटे बच्चे ने अचानक दूध पीना छोड़ दिया है प्रयास करने के बाद भी बच्चा दूध नहीं पी रहा है तो इस उपाय को जरूर करें...
जिस बच्चे को नजर लगी है उसके सिर पर से एक गिलास कच्चा दूध तीन बार उतारे और काले कुत्ते को पिला दें यह उपाय करते समय कोई टोके ना इस बात का ध्यान रखें।
बच्चों को लगी नजर कैसे उतारे -
दर्शकों अगर आपके घर में किसी को भी नजर लगी है तो इस उपाय को जरूर करें एक गिलास में शुद्ध जल भर ले उसमें तीन लॉन्ग का जोड़ा डालें कुछ मिश्री के दाने भी डाल दें अब नजर लगे व्यक्ति के ऊपर से सात बार उतार हैं और उस जल को बाहर घर के दरवाजे से दूर फेंक दें इस क्रिया को लगातार तीन बार करना होगा उपाय करते समय कोई टोके ना बोले ना इस बात का ध्यान रखें।
नजर उतारने का दूसरा उपाय -
यदि किसी बच्चे या व्यक्ति को नजर लग गई है तो काले कपड़े में 7 साबुत हल्दी की गाठें बांधकर नजर लगे व्यक्ति के ऊपर से सात बार उतार कर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें जिससे नजर दोष समाप्त हो जाएगा।
तीसरा उपाय -
शनिवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में जाकर श्री हनुमान जी महाराज के दाहिने कंधे से सिंदूर लेकर नजर पीड़ित व्यक्ति के माथे पर लगा दे इससे बुरी नजर समाप्त हो जाएगी।
ब्लॉग में दी गई जानकारी धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित इसकी पुष्टि हम पूर्ण रूप से नहीं करते आपका विश्वास ही आपको फल देगा।
जलते हुए दीपक में फूल बनना शुभ होता है या अशुभ ???
दर्शकों ज्ञानवर्धक पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉक से जुड़े रहें मैं हूं आपके साथ पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री
श्रीहनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र 'लखनऊ'
हमारे सनातन धर्म में दीपक जलाने का विशेष महत्व माना जाता है। कोई भी शुभ कार्य करने से पहले लोग पूजा करने करते हैं साथ ही भगवान के सामने घी का या तेल का दीपक जलाते हैं ऐसी मान्यता है भगवान के सामने घी या तेल का दीपक जलाने से भगवान प्रसन्न होते हैं।
भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं हमारे हिंदू समाज में नित्य प्रतिदिन सुबह - सायंकाल में दीया जलाकर भगवान की आरती करने का विधान है।
जब हम दिया जला कर रखते हैं तो कभी कभी कुछ समय बाद दिया कि बाती लो में कुछ आकृतियां बनने लगती हैं जैसे फूल या भगवान की आकृति आदि जिसके कारण हमारे मन में अनेकों प्रश्न उठते हैं इसका क्या मतलब होता है ??
जानिए जलते दीपक में फूल बनने का क्या मतलब होता है
ऐसा माना जाता है कि जलते हुए दीए में आकृति बनना बहुत ही शुभ होता है भक्त भगवान के सामने बैठकर दीपक जलाकर भगवान की पूजा अर्चना करते हैं अपने इष्ट देवता को मनाते हैं और तभी जलते हुए दीपक में कुछ आकृतियां बनने लगती है इसका मतलब यह होता है भगवान आपकी पूजा को स्वीकार कर रहे हैं भगवान की कृपा आपको प्राप्त हो रही है।
यदि आप नित्य देसी घी का दीपक जलाते हैं और रोज ही आपके दीपक की बाती में फूल या कोई आकृति बन जाती है तो आप अपने आप को भाग्यशाली समझिए और साथ ही अब आपको और ज्यादा पूजा पाठ करना चाहिए अपने इष्ट देवता पर भरोसा रखना चाहिए। आपकी जल्द ही सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने वाली है।
हाथ की हथेली में X का निशान का क्या मतलब होता है???
नमस्कार दर्शकों मैं हूं आपके साथ पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री श्रीहनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र 'लखनऊ' call-8737866555
ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों के हाथ में X का निशान होता है वह लोग बहुत ही भाग्यशाली होते हैं लेकिन X का निशान हथेली में किस स्थान पर है इसका अलग-अलग प्रभाव होता है।
हथेली के बीचो बीच X का निशान
जिन लोगों के हाथ में हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा केअं बीच में X का निशान होता है ऐसे लोगों के पास कभी भी पैसों की कमी नहीं रहती इनका समाज में मान सम्मान भी बहुत अधिक होता है यह लोग जीवन में जो भी ठान लेते हैं उसे पूर्ण करके ही रहते है।
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गुरु पर्वत पर X का निशान
जिन लोगों के हाथ में गुरु पर्वत यानी तर्जनी उंगली के पास X का निशान होता है इस स्थान पर एक्स का निशान बहुत ही शुभ होता है ऐसे लोग बहुत ही बुद्धिमान होते हैं यह अपने जीवन में अधिक ऊंचाइयों को छूते हैं।
शनि पर्वत पर एक्स का निशान
जिन लोगों के हाथों पर शनि पर्वत यानी मध्यमा उंगली के नीचे एक्स का निशान होता है ऐसे लोगों को वाहन चलाते समय हमेशा ही सावधानी रखनी चाहिए इनको लोहे से चोट लगने की संभावना बनी रहती है क्योंकि ऐसा माना जाता है शनि पर्वत पर एक्स का निशान बहुत ज्यादा शुभ नहीं होता है।
सूर्य पर्वत पर एक्स का निशान
यदि किसी व्यक्ति के हाथ में सूर्य पर्वत यानी अनामिका उंगली के नीचे एक्स का निशान होता है तो ऐसे लोग बहुत ही भाग्यवान होते हैं सूर्य पर्वत पर एक्स का निशान व्यक्ति को हमेशा ही ऊंचा पद प्रदान कराता है मान सम्मान में भी वृद्धि होती है
ब्लॉक में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है