भूलकर भी इन राशियों के लोग ना पहने माणिक्य रत्न हो सकता है हानिकारक
माणिक रत्न सूर्य ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है।
साथ ही यह रत्न बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है।
- राशि के अनुसार ही जातक को रत्न धारण करना चाहिए
- ग्रहों के बुरे प्रभाव के कारण मनुष्य को जीवन में अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है वैसे तो नव ग्रहों की शांति के लिए अनेक उपाय बताए गए हैं किंतु इस समस्या का हल रत्नों के द्वारा भी किया जा सकता है हर राशि का अलग-अलग स्वभाव होता है वैसे ही प्रतीक रत्न का भी हर राशि पर भिन्न-भिन्न प्रभाव पड़ता है।
- श्री हनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र लखनऊ के माध्यम से ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज बतलाते हैं÷
- माणिक रत्न किस किस राशि के लोग पहन सकते हैं।
- किसे होगा लाभ और किसे होगी हानि...
- माणिक रत्न धारण करने से जातक को अनेकों प्रकार की लाभ प्राप्त होते हैं।
- माणिक रत्न मानसिक रोग एवं मित्रों से जुड़ी परेशानियों को भी समाप्त करता है।
- माणिक रत्न रक्तवर्धक एवं पेट से रोगों में भी लाभकारी होता है।
ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियों का वर्णन आता है
12 राशियों में किस राशि को माणिक रत्न लाभ प्रदान करता है और किसे हानि जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें...
मेष राशि-
मेष राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य पंचम स्थान का स्वामी होता है और मेष राशि का स्वामी मंगल होता है सूर्य और मंगल मैं प्रेम संबंध होता है इसलिए मेष राशि के जातक माणिक रत्न धारण कर सकते हैं इससे इन्हें लाभ होगा लेकिन ज्योतिषी परामर्श के बिना कोई भी रत्न भूल कर भी धारण ना करें।
वृष राशि-
वृष राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य चतुर्थ भाव मैं होने के कारण वृष राशि के जातक माणिक धारण कर सकते हैं सूर्य की महादशा अंतर्दशा या फिर कुंडली में सूर्य नीच का हो तो आप माणिक धारण करें वृष राशि का स्वामी शुक्र होता है शुक्र और सूर्य की आपस में मित्रता नहीं होती है इसलिए वृष राशि के जातक माणिक धारण ना करें।
मिथुन राशि-
मिथुन राशि के जातकों को माणिक रत्न बहुत ज्यादा लाभकारी नहीं होता है यदि कुंडली में सूर्य नीच का है या सूर्य की महादशा से पीड़ित हैं तो माणिक रत्न धारण कर सकते हैं। वैसे देखा जाए तो मिथुन राशि का स्वामी बुध होता है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखें तो बुध और सूर्य आपस में मित्र होते हैं। इसलिए मिथुन राशि के लोग माणिक धारण कर सकते हैं लेकिन कुंडली का विश्लेषण कराने के बाद ही कोई भी रत्न धारण करें।
कर्क राशि-
कर्क राशि के जातकों को माणिक धारण करने से विद्या की प्राप्ति होती है ज्योतिष के अनुसार देखे तो कर्क राशि का स्वामी चंद्र और सूर्य में मित्रता होती है यदि आप नेत्र या फिर हृदय रोग से पीड़ित हैं तू भी माणिक रत्न धारण कर सकते हैं इससे आपको लाभ होगा।
सिंह राशि-
सिंह राशि का स्वामी सूर्य होता है। साथ ही सिंह राशि का राशि रत्न बीमारी तो होता है इसलिए सिंह राशि के जातकों को माणिक रत्न अवश्य ही धारण करना चाहिए। इससे इन्हे को लाभ प्राप्त होते हैं।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को माणिक रत्न धारण नहीं करना चाहिए।
यदि आप माणिक रत्न धारण करना चाहते है तो किसी ज्योतिषी की सलाह अवश्य प्राप्त करें तभी रत्न धारण करें।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य 11वें भाव का स्वामी होता है।
कुंडली में एकादश भाव लाभ का स्थान होता है तुला राशि का स्वामी शुक्र और सूर्य आपस में शत्रुता होने के कारण इन जातकों को माणिक रत्न धारण नहीं करना चाहिए यदि आप रतन धारण करना चाहते हैं तो किसी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य करें
वृश्चिक राशि-
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए माणिक रत्न धारण करना लाभकारी होता है।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल और सूर्य आपस में मित्र हैं इसलिए वृश्चिक राशि के जातक माणिक रत्न धारण कर सकते हैं इससे इन्हें लाभ होगा।
धनु राशि
धनु राशि का स्वामी गुरु होता है गुरु और सूर्य में मित्रता होती है इसलिए धनु राशि के जातक माणिक रत्न धारण कर सकते हैं नेत्र से जुड़ी परेशानी समाप्त होगी हृदय रोग में भी लाभ होगा।
मकर राशि-
मकर राशि के जातक माणिक रत्न धारण न करें मकर राशि का स्वामी शनि और सूट में शत्रुता होती है।
कुंभ राशि-
कुंभ राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य सप्तम स्थान में होने के कारण जातक यदि माणिक रत्न धारण करता है तो उसे कष्ट होगा कुंभ राशि का स्वामी शनि और सूर आपस में शत्रु है इसलिए कुंभ राशि के जातकों को माणिक रत्न भूल कर भी धारण नहीं करना चाहिए।
मीन राशि-
मीन राशि का स्वामी गुरु होता है गुरु और सूर्य आपस में मित्र होते हैं परंतु मीन राशि की कुंडली में सूर्य अष्टमेश होकर अशुभ हो जाता है इसलिए मीन राशि के जातकों को माणिक रत्न धारण नहीं करना चाहिए।