Friday, October 29, 2021

क्या कहती है आपकी भाग रेखा, bhagya Rekha हाथ में कैसे देखें भाग रेखा

 क्या कहती है आपकी भाग रेखा???,

 हाथ में कैसे देखें भाग रेखा??

 कितनी प्रकार की होती हैं भाग रेखा?? 

भाग रेखा से जुड़ी अनेकों रहस्य fate line जानने के लिए पूरा पढ़ें और हमारे इस वीडियो को देखें

मैं हूं आपके साथ ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री



bhagya Rekha

चित्र के माध्यम से समझें



हस्तरेखा के अनुसार हाथ में भाग रेखा का होना बहुत ही शुभ माना जाता है भाग रेखा में बताती है हमारे जीवन न्यू होने वाले शुभ योगों के बारे में कि व्यक्ति कैसा जीवन व्यतीत करेगा जीवन में कितनी तरक्की होगी गाड़ी बंगला का सुख प्राप्त होगा या नहीं सरकारी नौकरी मिलेगी कितना पैसा होगा जीवन में इन सभी प्रश्नों का उत्तर भाग रेखा #bhagya_Rekha के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है ,

हाथ में स्वयं कैसे देखे भाग रेखा??

चित्र के माध्यम से समझे हस्तरेखा के अनुसार भाग रेखा मणिबंध यानी कलाई से आरंभ होकर मध्यमा उंगली यानी सबसे बड़ी उंगली के नीचे स्थित शनि पर्वत तक जाती है कभी-कभी यह भाग रेखा हृदय रेखा से भी शुरू होती है कुछ लोगों के हाथ में जीवन रेखा के पास से या चंद्र पर्वत शुक्र पर्वत से भी भागने का आरंभ हो सकती है भागने का कहीं से भी प्रारंभ हो लेकिन यह खत्म शनि पर्वत और सूर्य पर्वत पर ही होती है कभी-कभी तर्जनी उंगली यानी गुरु पर्वत पर भी भाग रेखा खत्म होती है विस्तार से जानने के लिए हमारे इस वीडियो को जरूर देखें



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Pramod Krishna Shastri 

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 हथेली से जुड़ी कुछ बेसिक जानकारी को चित्र के माध्यम से समझे जिससे आपको यह पता चल सके हथेली में कौनसा स्थान किस जगह है जिससे भाग्य रेखा को समझने में आसानी हो सके।

bhagya Rekha


1- शुक्र पर्वत आपके अंगूठे के नीचे वाले भाग में स्थित होता है।

2-तर्जनी यानी सबसे पहली उंगली के नीचे बृहस्पति यानी गुरु पर्वत होता है।

3-मध्यमा यानी सबसे बड़ी उंगली के नीचे के स्थान पर शनि पर्वत का स्थान माना जाता है।

4- सूर्य पर्वत अनामिका यानी सबसे छोटी उंगली के बगल वाली उंगली के नीचे होता है।


5-बुध पर्वत कनिष्ठ का यानी सबसे छोटी उंगली के नीचे होता है।


जानिए भाग्य रेखा के प्रकार एवं फायदे...

भाग्य रेखा मणिबंध यानी कलाई से आरंभ होकर स्पष्ट रूप से सीधी बिना कटे शनि पर्वत यानी सबसे बड़ी उंगली तक जाए तो ऐसा व्यक्ति राजा की तरह जिंदगी व्यतीत करता है 

स्क्रीन पर दिए गए चित्र के माध्यम से समझे

जिनकी भाग्य रेखा कलाई से शुरू होकर शनि पर्वत तक जाती है ऐसे लोगों का जीवन बहुत ही वैभव पूर्ण व्यतीत होता है ।

ऐसे जातकों के जीवन में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती यह जातक जिस क्षेत्र में कार्य करते हैं वहां उन्हें सफलता प्राप्त होती है इनके पास धन वैभव की कमी नहीं रहती है।


यदि भाग्य रेखा शनि पर्वत पर पहुंचकर दो भागों में बांट जाए जिसे दोमुंहा भी कहते हैं और एक मुंह गुरु पर्वत की ओर मुड़ जाए तो ऐसे जातक धर्म परायण एवं दानी होते हैं यह लोग दान देने में कभी भी संकोच नहीं करते ऐसे जातक अपना जीवन लोगों की भलाई के लिए समर्पित कर देते हैं इन्हें समाज में मान सम्मान बहुत अधिक प्राप्त होता है।


यदि हथेली के मध्य में मस्तिष्क रेखा के पास से भाग रेखा का आरंभ होता है तो ऐसे जातक बहुत ही भाग्यशाली होते हैं यह लोग सामान्य परिवार में जन्म लेने के बाद भी अपनी योग्यता और लगन से सफलता के उच्च शिखर को पा लेते हैं अपनी मेहनत के द्वारा सब कुछ प्राप्त कर लेते हैं इनके जीवन में जो भी इन्हें प्राप्त होता है स्वयं की मेहनत से ही इन्हें मिलता है।


यदि भाग्य रेखा कलाई से शुरू होकर सीधी शनि पर्वत को पार कर जाए उंगली के पूरे तक पहुंच जाए ऐसी भाग रेखा शुभ नहीं मानी जाती है ऐसे जातकों को अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है जीवन संघर्ष से भरा रहता है मेहनत करने के बाद भी सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है



यदि भाग रेखा मणिबंध से यानी कलाई से आरंभ होकर शनि पर्वत की ओर जाते हुए हृदय रेखा पर ही रुक जाए तो ऐसे जातकों को प्रेम संबंध के कारण जीवन में असफलताएं प्राप्त होती हैं यही रेखा यह गुरु पर्वत तक पहुंच जाए तो प्रेम संबंध के कारण अनेकों सफलताएं प्राप्त होती है धन की प्राप्ति हमेशा होती रहती है।


यदि भाग्य रेखा शुक्र पर्वत से निकलकर शनि पर्वत तक पहुंच जाए और साथ ही जितनी ज्यादा गहरी और स्पष्ट होती है उतना ही शुभ मानी जाती है यह रेखा जीवन रेखा को काटकर निकलती है इसलिए उस उम्र में जातक को अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन ऐसे जातकों को पत्नी बहुत ही सुंदर और सुशील प्राप्त होती है।


भाग रेखा जितनी गहरी मोटी और स्पष्ट होती है उसे उतना ही शुभ माना जाता है ऐसे लोग बहुत ही भाग्यशाली होते हैं इन लोगों को पैतृक संपत्ति का अधिक लाभ होता है इनके पास किसी भी वस्तु की कमी नहीं रहती है।



दर्शकों एक बात जीवन में हमेशा ध्यान रखना जिनके हाथों में भाग रेखा या रेखाएं सही नहीं है उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है जिनके हाथ में भाग रेखा नहीं होती है वह भी ऊंचे शिखर पर पहुंचते हुए देखे गए हैं जीवन में कर्म ही प्रधान होता है कर्म के द्वारा अपने भाग को भी बदल सकते हैं














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