पितृदोष के कारण एवं लक्षण ??? #Pitra_dosh #pitru_Paksh
ज्योतिषाचार्य प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज से जानिए पितृदोष निवारक अचूक उपाय, पितृदोष के कारण एवं लक्षण #pitra_dosh_nivaran_upay
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखे तो जन्म कुंडली में कुछ योग ऐसे होते हैं। जो बहुत ही शुभ माने जाते हैं जिनसे अनेकों लाभ होते हैं। वहीं कुछ योग ऐसे भी होते हैं जो बहुत ही अशुभ होते हैं जिसके कारण जीवन परेशानियों से भरा रहता है। जी हां हम बात कर रहे हैं पित्र दोष के बारे में जन्म कुंडली में पितृ दोष का होना बहुत ही अशुभ माना जाता है।
पितृदोष के क्या लक्षण होते हैं कैसे जाने पितृदोष है या नहीं ?? #kundli_dosh
यदि जन्म कुंडली में पित्र दोष है तो संतान प्राप्ति में अनेकों बाधाएं आती हैं कभी-कभी तो संतान सुख से वंचित रहना पड़ता है और यदि संतान हो भी गई तो मंदबुद्धि या विकलांग पैदा होती है।
यदि आप नौकरी या व्यापार करते हैं तो उसमें मेहनत करने के बाद भी हानि ही होती है अनेकों प्रयास के बाद भी असफलता ही हाथ आती है।
पित्र दोष के कारण घर में हमेशा लड़ाई झगड़े होते रहते हैं घर में कभी भी शांति नहीं रहती है एक दूसरे के लिए एकता का भाव बना रहता है।
जिस घर में पितृदोष लगा होता है उस घर में कोई ना कोई लगातार बीमार रहता है इलाज के बाद भी बीमारी समाप्त नहीं होती है ।
पितृदोष के कारण घर में भोजन को इस समय भोजन को लेकर हमेशा ही झगड़ा होता है।
पितृदोष के कारण घर में कोई शुभ कार्य नहीं होता और यदि शुभ कार्य हुआ भी तो उसमें लड़ाई झगड़े होते।
विवाह के योग होने पर भी दीवाना होना।
पितृदोष के कारण घर के कमाने वाले व्यक्ति को चोट लगना एक्सीडेंट हो जाना बीमार पड़ जाना ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
पितृदोष के कारण घर परिवार में कम उम्र के लोगों का बीमारी से या या किसी दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाना
घर परिवार के सदस्यों पर प्रेत बाधा का प्रभाव होना घर में मांगलिक कार्यों का ना होना ग्रह के लिए शादी ऐसे लक्षण होन पर समझे कि घर में पितृदोष है।
घर परिवार में मृत्यु के बाद विधिवत अंतिम संस्कार न करना आज के समय में लोगों के पास समय ना होने के कारण तेरहवीं को 3 या 5 दिन में संपन्न कर देना ही पितृदोष का सबसे बड़ा कारण बनता है।
पितृपक्ष में विद्वत सराधना करना जिससे पुत्र नाराज हो जाते हैं और पित्र दोष उत्पन्न हो जाता है धर्म के विरुद्ध आचरण करने से भी पित्र नाराज हो जाते हैं ।
पीपल बरगद के पेड़ को काटने या कटवाने से भी पितृदोष उत्पन्न हो जाता है।
पितृदोष निवारण उपाय÷ इन उपायों को करने से धीरे-धीरे पित्र दोष समाप्त हो जाता है।
आश्विन मास के श्राद्ध पक्ष में जिसे पितृपक्ष के नाम से भी जाना जाता है।
पितृपक्ष में नित्य पितरों के लिए तर्पण करें काले तिल पुष्प जल में डालकर पितरों को अर्पित करें।
पितृदोष निवारण हेतु पीपल के वृक्ष पर कच्चा गाय का दूध चढ़ाएं ॥ ॐ पित्र देवताभ्यो नमः ॥ मंत्र का जप करते हुए पीपल की 11 या 21 बार परिक्रमा करें इससे पित्र दोष से मुक्ति मिलेगी।
पितृदोष निवारण हेतु पितृपक्ष में प्रतिपदा तिथि के दिन गरी के गोले में देसी घी आटे और चीनी से बनी पंजीरी भर के पीपल के पेड़ के नीचे मिट्टी खोदकर दबा दें इससे पित्र दोष में लाभ होता है।
प्रत्येक अमावस्या के दिन घर में पितृ गायत्री मंत्र के द्वारा हवन करें 1 वर्ष लगातार हवन के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर दक्षिणा आदि प्रदान करें।
प्रत्येक अमावस्या के दिन श्रीमद्भागवत महापुराण के गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें या ब्राह्मण के द्वारा कराएं।
प्रत्येक अमावस्या के दिन प्रातः कालीन संध्या काल में कच्चा गाय का दूध पीपल के वृक्ष पर चढ़ाएं दूध और चावल से बनी खीर बनाकर ब्राह्मण को खिलाएं दक्षिणा प्रदान करें।
सवा किलो चावल साबुत खरीद कर घर ले आए मिथुन चावल में से एक मुट्ठी चावल अपने ऊपर उतार कर पीपल वृक्ष के नीचे डाल दें यह उपाय लगातार 41 दिनों तक करें इससे पितृ दोष शांत होगा।
जन्म कुंडली में पित्र दष होने पर जातक को अपने स्वर्गीय परिजनों का फोटो घर के दक्षिण दिशा की ओर दीवार पर लगाकर मिथुन का स्मरण करें चंदन की माला पहनाए।
काले उड़द के आटे से बनी रोटी में सरसों का तेल लगाकर प्रत्येक शनिवार के दिन काले रंग के कुत्ते को खिलाएं इससे शनि राहु केतु ग्रहों की कृपा प्राप्त होगी पित्र दोष शांत होगा।
पितृ दोष निवारण हेतु किसी विद्वान ब्राह्मण के द्वारा सप्त दिवसीय पित्र दोष निवारक अनुष्ठान संपन्न कराएं इस अनुष्ठान से पूर्ण रुप से पित्र दोष से मुक्ति मिलेगी
घर परिवार एकजुट होकर सप्त दिवसीय श्रीमद् गवत महापुराण कथा श्रवण करें भंडारा करें इक्कीस ब्राह्मणों को भोजन कराएं। इन उपायों में से कोई भी उपाय श्रद्धा और विश्वास के साथ करें जिससे आपको लाभ होगा।
क्या आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं,??? क्या कर्जे का बोझ बढ़ रहा है??? पैसा आता तो बहुत है लेकिन रुकता नहीं है क्या घर की बरकत समाप्त हो गई है???
अगर इन समस्याओं से आप परेशान हैं तो गुरुवार के दिन इन चमत्कारी उपाय को जरूर करें...
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दर्शकों ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज pramod Krishna shastri call 8737866555 के द्वारा बताए गए उपायों को जरूर करें इससे अनेकों लाभ होंगे,
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित होते हैं उसी प्रकार गुरुवार का दिन भगवान नारायण और देवताओं की गुरु बृहस्पति देव को समर्पित माना जाता है बृहस्पति देव धन के कारक माने जाते हैं इसलिए बृहस्पतिवार को भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।
धन संपदा में वृद्धि होती है।
वैवाहिक जीवन सुखमय व्यतीत होता है।
व्यापार में लाभ होता है विवाह में आ रही
बाधाएं समाप्त होती हैं
और भी अनेकों लाभ होते हैं
1- वैवाहिक जीवन के लिए विशेष उपाय÷
अगर आपके वैवाहिक जीवन में कल है चल रही है पति पत्नी में झगड़ा होता रहता है एक दूसरे में 1 मिनट भी नहीं बनती तो इस उपाय को जरूर करें।
बृहस्पतिवार के दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा घर में लेकर आए पीले आसन पर घर के मंदिर में विराजमान करें स्वयं भी गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें
भगवान नारायण की प्रतिमा
भगवान विष्णु की धूप दीप नैवेद्य से पूजन करें पूजन में पीले फूल चढ़ाएं पीला चंदन भगवान को लगाकर स्वयं भी लगाएं पीले रंग की मिठाई और केसर युक्त खीर बनाकर भोग लगाएं पूजन के बाद खीर कन्याओं को बांटे इस उपाय को लगातार 11 बृहस्पतिवार करें व्रत रखने से विशेष लाभ होगा गुरुवार के दिन लहसुन प्याज वर्जित करें।
गुरुवार के दिन इन कार्यों को भूलकर भी ना करें अन्यथा आर्थिक तंगी से करना पड़ सकता है सामना कर दिए का बोझ भी बढ़ सकता है
गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की ओर यात्रा ना करें इस दिन दक्षिण दिशा की ओर दिशाशूल माना जाता है यदि यात्रा बहुत जरूरी है तू एक चुटकी जीरा खाकर यात्रा कर सकते हैं।
गुरुवार के दिन शविंग ना बनाएं शरीरके कोई भी बाल और नाखून ना काटे इससे आर्थिक स्थिति कमजोर होती है।
गुरुवार के दिन भोजन करते समय ऊपर से नमक डालकर भोजन ना करें इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है गुरुवार के दिन ऊपर से नमक खाने से कुंडली में गुरु कमजोर हो जाता है।
गुरुवार के दिन आंखों से जुड़ी कोई भी वस्तु ना खरीदें पूजा पाठ से जुड़ी बस तुम्हें भी नहीं खरीदनी चाहिए बृहस्पतिवार के दिन घर में नुकीली वस्तुए ना लाएं जैसे चाकू कैंची लोहे के बर्तन आदि।
गुरुवार के दिन दूध और केला साथ ही खिचड़ी खाना वर्जित माना गया है इस दिन इन वस्तुओं का त्याग करें।
गुरुवार के दिन कपड़े धोना वर्जित माना जाता है इस दिन महिलाओं को बाल नहीं धुलना चाहिए इससे गुरु कमजोर होता है।
यदि आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो इस उपाय को जरूर करें÷
आर्थिक तंगी से परेशान
गुरुवार के दिन नहाते समय जल में तीन चुटकी हल्दी और गंगा जल मिलाकर स्नान करें स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करके चांदी के गिलास में कच्चा गाय का दूध तुलसी वृक्ष की जड़ में अर्पित करें संध्याकाल में तुलसी जी के पास देसी घी का दीपक जलाएं सनातन धर्म में तुलसी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है भगवान विष्णु जी को तुलसी बहुत ही ज्यादा प्रिय है इस उपाय से आर्थिक तंगी और कर्ज से छुटकारा मिलेगा।
श्रावण मास में देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक पूजन करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। श्रावण मास में किसी भी दिन उधर से किया जा सकता है श्रावण मास के सोमवार के दिन भोलेनाथ के पूजन का विशेष महत्व होता है।
रूद्र - अर्थात भगवान शिव
रुद्राभिषेक पूजन करने से जातक की जन्मकुंडली के अनेकों दोष समाप्त हो जाते हैं यदि जन्म कुंडली में शनि दोष है या शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया आदि चल रही है या फिर शनि ,राहु ,केतु की महादशा चल रही है या अंतर्दशा तू भी रुद्राभिषेक पूजन करने से शांति प्राप्त होती है।
जन्म कुंडली में कालसर्प दोष होने पर लोग भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते हैं साथी नाग नागिन का पूजन करते हैं इससे उन्हें विशेष लाभ प्राप्त होता है।
रुद्राभिषेक कभी भी किया जा सकता है लेकिन रुद्राभिषेक करने से पहले शिववास का विचार जरूर करना चाहिए।
भगवान भोलेनाथ का अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग स्थान पर वास होता है जिसका अलग-अलग लाभ प्राप्त होता है।
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शिवरात्रि प्रदोष श्रावण मास मैं सोमवार के दिन शिव वास का विचार किए बिना भी रुद्राभिषेक किया जा सकता है शिव महापुराण के अंतर्गत इन तिथियों रुद्राभिषेक पूजन करने का अलग ही महत्व बताया गया है।
तीर्थों के जल से रुद्राभिषेक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है भगवान के प्रति प्रेम बढ़ता है।
इत्र के जल से रुद्राभिषेक करने से बीमारी समाप्त होती है
ज्वर की शांति के लिए गंगाजल युक्त शीतल जल से रुद्राभिषेक पूजन करना चाहिए।
प्रमेह रोग के निवारण हेतु गाय के दूध से रुद्राभिषेक करें
सृष्टिकर्ता श्री ब्रह्मा जी ने अपने मुखारविंद उसे स्वयं वर्णन किया है जब कोई भक्त भगवान शिव का रुद्राभिषेक करता है तो स्वयं भगवान देवाधिदेव महादेव उसे स्वीकार करते हैं संसार में ऐसी कोई वस्तु नहीं जो रुद्राभिषेक करने से प्राप्त ना हो सके सुख समृद्धि यश वैभव लक्ष्मी कीर्ति संतान आदि।
बच्चों को लगी नजर कैसे उतारे काली नजर से बचने और उसे दूर करने के लिए पूरा पढ़ें...
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज
श्रीहनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र लखनऊ- 8737866555
हम अपने जीवन में कई बार छोटी-छोटी घटनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं ऐसा भूलकर भी नहीं करना चाहिए ऐसा कई बार होता है जीवन में चलते-चलते चीजें बंद हो जाती है अचानक से व्यापार में नुकसान होने लगता है।
हमारे घर परिवार में नजर दोष के कारण हंसता खेलता छोटा बच्चा गुमसुम सा हो जाता है या फिर लगातार रोता ही रहता है दूध नहीं पीता है।
कार्यों में अड़चनें आने लगती हैं बहुत कोशिशों के बाद भी असफलता का ही सामना करना पड़ता है।
यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा ही घटित हो रहा है तो आपको नजर दोष के बारे में जरूर जानना चाहिए जी हां कई बार आपक कारोबार को आपकी खुशियों को दूसरे की नजर लग जाती है और आपको पता भी नहीं चलता है।
जानिए क्या होता है नजर दोष??
नजर दोष के कारण लोगों के जीवन में अचानक अनेकों तरह की परेशानियां आने लगती है ऐसी मान्यता है कि जब किसी को किसी की बुरी नजर लगती है तो उसकी सकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है और साथ ही नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है।
जब आपको लगे कि अचानक ही आप के कारोबार में नुकसान होने लगा है मेहनत करने के बाद भी हानि हो रही है व्यापार में किसी की नजर लग गई है तो उसे दूर करने के लिए इन उपायों को जरूर करें
1- दुकान से एक नया चाकू खरीद ले एक नींबू तीन जोड़ा लॉन्ग हाथ के मुट्ठी में दबा लें और अब व्यापारिक स्थल के सभी कोने तक नींबू लोंग का उतारा करें इसके बाद बाहर जाकर नींबू काटकर लॉन्ग के साथ उत्तर दिशा में फेंक दें लॉन्ग नींबू का उतारा करते समय कोई टोके ना इस बात का भी ध्यान रखें चाकू को भी बाहर ही फेंक दें यह उपाय शनिवार की रात को करने से अधिक लाभ होता है।
2- शनिवार के दिन श्री हनुमान जी महाराज की लाल रंग की मूर्ति जो आशीर्वाद देते हुए मुद्रा में होनी चाहिए
उसे व्यापारिक स्थल में स्थापित करें रोज लाल रंग के फूल चढ़ाएं।
3- व्यापारिक स्थल पर तीन अंगूर लंबा चौड़ा पीले सिंदूर और गाय के घी से गेट के दोनों तरफ स्वास्तिक बनाएं इस उपाय को करने से नजर तो उतर ही जाएगी साथ ही कारोबार में वृद्धि भी होगी। Please watch this video
छोटे बच्चे के दूध पर नजर दोष कैसे मिटाएं
यदि आपके छोटे बच्चे ने अचानक दूध पीना छोड़ दिया है प्रयास करने के बाद भी बच्चा दूध नहीं पी रहा है तो इस उपाय को जरूर करें...
जिस बच्चे को नजर लगी है उसके सिर पर से एक गिलास कच्चा दूध तीन बार उतारे और काले कुत्ते को पिला दें यह उपाय करते समय कोई टोके ना इस बात का ध्यान रखें।
बच्चों को लगी नजर कैसे उतारे -
दर्शकों अगर आपके घर में किसी को भी नजर लगी है तो इस उपाय को जरूर करें एक गिलास में शुद्ध जल भर ले उसमें तीन लॉन्ग का जोड़ा डालें कुछ मिश्री के दाने भी डाल दें अब नजर लगे व्यक्ति के ऊपर से सात बार उतार हैं और उस जल को बाहर घर के दरवाजे से दूर फेंक दें इस क्रिया को लगातार तीन बार करना होगा उपाय करते समय कोई टोके ना बोले ना इस बात का ध्यान रखें।
नजर उतारने का दूसरा उपाय -
यदि किसी बच्चे या व्यक्ति को नजर लग गई है तो काले कपड़े में 7 साबुत हल्दी की गाठें बांधकर नजर लगे व्यक्ति के ऊपर से सात बार उतार कर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें जिससे नजर दोष समाप्त हो जाएगा।
तीसरा उपाय -
शनिवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में जाकर श्री हनुमान जी महाराज के दाहिने कंधे से सिंदूर लेकर नजर पीड़ित व्यक्ति के माथे पर लगा दे इससे बुरी नजर समाप्त हो जाएगी।
ब्लॉग में दी गई जानकारी धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित इसकी पुष्टि हम पूर्ण रूप से नहीं करते आपका विश्वास ही आपको फल देगा।
जलते हुए दीपक में फूल बनना शुभ होता है या अशुभ ???
दर्शकों ज्ञानवर्धक पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉक से जुड़े रहें मैं हूं आपके साथ पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री
श्रीहनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र 'लखनऊ'
हमारे सनातन धर्म में दीपक जलाने का विशेष महत्व माना जाता है। कोई भी शुभ कार्य करने से पहले लोग पूजा करने करते हैं साथ ही भगवान के सामने घी का या तेल का दीपक जलाते हैं ऐसी मान्यता है भगवान के सामने घी या तेल का दीपक जलाने से भगवान प्रसन्न होते हैं।
भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं हमारे हिंदू समाज में नित्य प्रतिदिन सुबह - सायंकाल में दीया जलाकर भगवान की आरती करने का विधान है।
जब हम दिया जला कर रखते हैं तो कभी कभी कुछ समय बाद दिया कि बाती लो में कुछ आकृतियां बनने लगती हैं जैसे फूल या भगवान की आकृति आदि जिसके कारण हमारे मन में अनेकों प्रश्न उठते हैं इसका क्या मतलब होता है ??
जानिए जलते दीपक में फूल बनने का क्या मतलब होता है
ऐसा माना जाता है कि जलते हुए दीए में आकृति बनना बहुत ही शुभ होता है भक्त भगवान के सामने बैठकर दीपक जलाकर भगवान की पूजा अर्चना करते हैं अपने इष्ट देवता को मनाते हैं और तभी जलते हुए दीपक में कुछ आकृतियां बनने लगती है इसका मतलब यह होता है भगवान आपकी पूजा को स्वीकार कर रहे हैं भगवान की कृपा आपको प्राप्त हो रही है।
यदि आप नित्य देसी घी का दीपक जलाते हैं और रोज ही आपके दीपक की बाती में फूल या कोई आकृति बन जाती है तो आप अपने आप को भाग्यशाली समझिए और साथ ही अब आपको और ज्यादा पूजा पाठ करना चाहिए अपने इष्ट देवता पर भरोसा रखना चाहिए। आपकी जल्द ही सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने वाली है।
हाथ की हथेली में X का निशान का क्या मतलब होता है???
नमस्कार दर्शकों मैं हूं आपके साथ पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री श्रीहनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र 'लखनऊ' call-8737866555
ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों के हाथ में X का निशान होता है वह लोग बहुत ही भाग्यशाली होते हैं लेकिन X का निशान हथेली में किस स्थान पर है इसका अलग-अलग प्रभाव होता है।
हथेली के बीचो बीच X का निशान
जिन लोगों के हाथ में हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा केअं बीच में X का निशान होता है ऐसे लोगों के पास कभी भी पैसों की कमी नहीं रहती इनका समाज में मान सम्मान भी बहुत अधिक होता है यह लोग जीवन में जो भी ठान लेते हैं उसे पूर्ण करके ही रहते है।
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गुरु पर्वत पर X का निशान
जिन लोगों के हाथ में गुरु पर्वत यानी तर्जनी उंगली के पास X का निशान होता है इस स्थान पर एक्स का निशान बहुत ही शुभ होता है ऐसे लोग बहुत ही बुद्धिमान होते हैं यह अपने जीवन में अधिक ऊंचाइयों को छूते हैं।
शनि पर्वत पर एक्स का निशान
जिन लोगों के हाथों पर शनि पर्वत यानी मध्यमा उंगली के नीचे एक्स का निशान होता है ऐसे लोगों को वाहन चलाते समय हमेशा ही सावधानी रखनी चाहिए इनको लोहे से चोट लगने की संभावना बनी रहती है क्योंकि ऐसा माना जाता है शनि पर्वत पर एक्स का निशान बहुत ज्यादा शुभ नहीं होता है।
सूर्य पर्वत पर एक्स का निशान
यदि किसी व्यक्ति के हाथ में सूर्य पर्वत यानी अनामिका उंगली के नीचे एक्स का निशान होता है तो ऐसे लोग बहुत ही भाग्यवान होते हैं सूर्य पर्वत पर एक्स का निशान व्यक्ति को हमेशा ही ऊंचा पद प्रदान कराता है मान सम्मान में भी वृद्धि होती है
ब्लॉक में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है
हमारे जीवन में इस एम के निशान का क्या प्रभाव होता है
हथेली में M के निशान से सोई हुई किस्मत जाग जाएगी या फिर करना पड़ेगा परेशानियों का सामना।
दर्शकों मैं हूं आपके साथ पंडित प्रमोद कृष्ण (शास्त्री)
श्री हनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र 'लखनऊ'
दर्शकों ज्योतिष हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ की हथेली में रेखाओं के द्वारा कुछ निशानों का निर्माण हो जाता है जैसे अंग्रेजी का शब्द X या फिर M का निशान किसी किसी के हाथ में त्रिशूल, मछली, ॐ जैसे निशान पाए जाते हैं आज हम बात करेंगे M के निशान के बारे में..
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हाथ की हथेली में M का निशान
जिन जातकों के हाथ में M का निशान होता है वह बहुत ही भाग्यशाली होते हैं हथेली में M का निशान जीवन रेखा मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा के द्वारा मिलकर बनता है चित्र में ध्यान से देखें..
जिलों के हाथ में एम का निशान होता है वे लोग किसी और के बताए रास्ते पर चलना पसंद नहीं करते बल्कि ऐसे लोग स्वयं अपना बनाते हैं यह लोग अपनी मेहनत से ही सब कुछ प्राप्त करते हैं हथेली पर एम के निशान वाले लोग जीवन में प्रेम को विशेष महत्व देते हैं यह लोग जिस से भी प्रेम करते हैं बहुत ही सच्चा प्रेम करते हैं इनका जीवन साथी इनसे कभी भी असंतुष्ट नहीं रहता है लेकिन यह लोग बहुत जल्दी लोगों पर भरोसा कर लेते हैं जिसके कारण इनको अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिन पर यह लोग भरोसा करते हैं वही लोग इन को धोखा दे देते हैं।
हथेली पर M का निशान वैसे तो सकारात्मक गुनौर स्वभाव के बारे में बतलाता है लेकिन यह तो कोई व्यक्ति बाएं हाथ से कार्य करता है क्योंकि किसी किसी की आदत होती है वह अपने सभी कार्य दाहिने हाथ से ना करते हुए बाएं हाथ से करते हैं ऐसे लोगों से मैं कहना चाहूंगा कि वह लोग अपना बांया हाथ देखें
जिन लोगों के हाथ में एम का निशान बिल्कुल साफ स्पष्ट होता है कोई भी छोटी रेखाएं एम के निशान को नहीं काटती है तो ऐसे लोगों को कानूनी राजनीति या फिर मैनेजमेंट मैं रुचि अधिक होती है इन क्षेत्रों मैं इन्हें सफलता भी प्राप्त होती है यह बोलने में भी बहुत माहिर होते हैं अपनी वाणी के प्रभाव से यह लोगों से कुछ भी करवा सकते हैं।
दर्शकों एम के निशान को भाग्यशाली और सुख समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है लेकिन रेखाएं हमेशा बदलती रहती है ऐसा माना जाता है हमारे कर्म के अनुसार रेखाएं बदल जाती हैं।
अगर आप कर्म पर विश्वास रखते हैं मेहनत करते हैं तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है रेखाएं तो बदलती रहती है लेकिन हमारे कर्म के अनुसार ही हमें सफलता प्राप्त होती है मेहनत करने वाले लोग अपना भाग्य स्वयं लिखते हैं।
यदि आपके विवाह में देरी हो रही है आप जानना चाहते हैं आपको जीवन साथी कैसा मिलेगा हम से प्रेम करेगा या नहीं ससुराल पक्ष कैसा होगा जानने के लिए हमारे जुड़े रहे मैं हूं आपके साथ... ज्योतिषाचार्य प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज
#astrologer #Pramod_Krishna_Shastri
ज्योतिष हस्तरेखाशास्त्र के अनुसार देखें तो हाथ की हथेली में विवाह रेखा का विशेष महत्व होता है विवाह रेखा के द्वारा हम जान सकते हैं हमारा विवाह कब और कैसे कहां होगा हमारा जीवन साथी कैसा होगा हमारे हाथ की रेखाएं भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में पहले से ही संकेत दे देती हैं।
हमारे जीवन में क्या बदलाव होने वाला है हमारा भविष्य कैसा रहेगा इन सभी प्रश्नों के उत्तर हाथ की रेखाओं के द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं।
दर्शकों विवाह रेखा के बारे में जानने से पहले हाथ की कुछ रेखा और स्थानों के बारे में जानना बहुत जरूरी होता है हाथ में अन्य देखा और स्थानों के बारे में जानने के बाद ही विभाग रेखा के बारे में आप सही सटीक जानकारी निकाल सकेंगे।
आइए जानते हैं हथेली में किस स्थान पर होती है विवाह रेखा marriage line in hand
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली में कनिष्ठका यानी हाथ की सबसे छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत पर बाहर की ओर जाने वाली रेखा को विवाह रेख के नाम से जाना जाता है चित्र में ध्यान से देखें।
यदि विवाह रेखा हृदय रेखा के ज्यादा पास में है तो 18 से 21 साल की आयु में विवाह होने की संभावना रहती है और यदि हृदय रेखा से विवाह रेखा की दूरी ज्यादा है तो 28 से 31 वर्ष की आयु में लगभग विवाह होता है एक से अधिक विवाह रेखाएं प्रेम प्रसंगों के बारे में दर्शाती हैं।
Watch this Video विवाह रेखा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए वीडियो को जरूर देखें...
विवाह रेखा से जुड़ी कुछ खास बातें..
एक अकेली विवाह रेखा साफ स्पष्ट गहरी और लंबी है तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है ऐसे जातकों को अधिक प्रेम करने वाला जीवन साथी प्राप्त होता है।
यदि बुध पर्वत की ओर आते आते विवाह रेखा दो से तीन भागों में बट जाए तो विवाह होते होते टूटने की संभावना रहती है।
यदि बुध पर्वत पर दो भागों में विवाह रेखा नजर आए तो विवाह होने के बाद वैवाहिक जीवन में कलह की आशंका रहती है।
यदि विवाह रेखा हृदय रेखा से दूर छोटी उंगली के बिल्कुल पास हो साथ ही रेखा यदि ऊपर की ओर मुड़ी हो ऐसे लोगों के विवाह होने मेंबहुत परेशानियां आती है कभी-कभी तो ऐसे लोग अविवाहित ही रह जाते हैं
यदि विवाह रेखा पर क्रॉस का निशान हो तो इसे शुभ माना जाता है ऐसे लोगों के जीवन में प्रेम की कमी नहीं रहती है।
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार देखें तो जिस व्यक्ति की हथेली में विवाह रेखा सूर्य पर्वत तक जाती है उसे शुभ मानते हैं। ऐसे जातकों का विवाह पैसे वाले घर में होता है इनके पास विवाह के बाद पैसों की कभी भी कमी नहीं रहती है।
जिन पुरुषों या महिलाओं के हाथ में विवाह रेखा के साथ दो से तीन रेखाएं और होती हैं ऐसे लोगों के जीवन में पति या पत्नी के अलावा प्रेम प्रसंगों की संभावना भी रहती है।
स्त्री हो या पुरुष विवाह रेखा के बगल में एक और सामान देखा हो तो दो विवाह का योग बनता है लेकिन दोनों रेखाएं समान होनी चाहिए।
ब्लॉक में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है इसकी पुष्टि हम पूर्ण रूप से नहीं करते हैं
हिंदू धर्म में होलिका दहन का विशेष महत्व माना जाता है इसे रंगोत्सव
पर्व के रूप में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है हिंदू पंचांग के अनुसार देखें तो प्रत्येक वर्ष के फाल्गुन मास में पूर्णिमा की रात होलिका दहन किया जाता है इसके अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है सभी हिंदू भाई एक दूसरे को रंग लगाते हैं और गले मिलते हैं।
होलिका दहन की रात्रि बहुत ही विशेष मानी जाती है इस दिन कुछ विशेष उपायों को करने से चमत्कारी लाभ प्राप्त होते हैं।
माता लक्ष्मी होंगी प्रसन्न
बीमारियों से मिलेगा छुटकारा।
सभी परेशानियां हुई समाप्त।
नौकरी व्यापार में होगी उन्नति।
होलिका दहन
पहला उपाय÷
यदि आप बीमारियों से छुटकारा पाना चाहते हैं परवारिक सुख की कामना है तो इस उपाय को जरूर करें।
होलिक दहन की रात जल में गंगा जल मिलाकर स्नान करें स्नान के बाद लाल या पीले वस्त्र धारण करें चमेली का इत्र लगाएं अपने घर घर के पूजा घर में श्री हनुमान जी की प्रतिमा के सामने देसी घी का दीपक जलाएं उन्हीं लाल रंग के आसन पर बैठकर श्री हनुमान जी महाराज का पंचोपचार से पूजन करें चंदन पुष्प धूप दीप नैवेद्य आदि से पीला सिंदूर हनुमान जी को लगाकर स्वयं भी लगाएं अब लाल मूंगे की माला से इस मंत्र का 21 माला जप करें । मंत्र जप के प्रभाव से जीवन में आ रही परेशानियों समाप्त होगी रोगों से मुक्ति मिलेगी परिवारिक कलह शांत होगी।
मंत्र इस प्रकार है
ओम नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा।।
दूसरा उपाय÷
अशोक डरावनी सपनों से मिलेगी मुक्ति जिन लोगों को रात में डरावने अशुभ सपने देखते हैं वे लोग इस उपाय को जरूर करें
एक सूखा नारियल जिसका हवन की पूर्णाहुति में प्रयोग किया जाता है जी हां एक सूखा नारियल काले तिल पीली सरसों को लाल कपड़े में बांधकर अपने सिर के ऊपर से 7 बार उतारकर जलती हुई होली में डालें अब हल्का की सात बार परिक्रमा करें।
होलिका दहन के समय होलिका का पंचोपचार से पूजन करें इसके बाद सवा सवा 100 ग्राम गेहूं ,चना ,मटर ,अलसी जलती हुई होली में डालें साथ ही सात परिक्रमा करें हाथ जोड़कर प्रार्थना करें जल्दी आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।
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Holika dahan
चौथा उपाय÷
नौकरी व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए
यदि आपको मेहनत करने के बाद भी सफलता प्राप्त नहीं हो रही है तो इस उपाय को जरूर करें होलिका दहन के समय एक सूखा नारियल पान के पत्ते पर सुपारी लॉन्ग रखकर अपनी मनोकामना बोले श्रद्धा और विश्वास के साथ होलिका में समर्पित करें सात परिक्रमा करें जल्दी आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।
पांचवा उपाय÷
विवाह में देरी जिन लोगों के विवाह में विलंब हो रहा है जन्म कुंडली में दोष के कारण विवाह में देरी हो रही है अनेकों प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है तो वह लोग इस उपाय को जरूर करें।
होली की रात एक साबुत पान के पत्ते पर पांच सुपारी 5 हल्दी की गांठ रखकर भगवान भोलेनाथ के मंदिर में जाकर शिवलिंग पर अर्पित करें और प्रार्थना करें जल्दी आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।
दर्शकों हमारे वीडियो वेबसाइट में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है इसकी पुष्टि हम पूर्ण रूप से नहीं करते हैं।
दर्शकों भारतीय ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों का संबंध किसी न किसी तत्व से माना जाता है जैसे कुछ राशियां अग्नि तत्व और कुछ राशियां जल तत्व से जुड़ी होती हैं राशि तत्व के अनुसार ही नवग्रहों से संबंधित कुछ दांत में बतलाई गई है। आइए जानते हैं???? ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज के द्वारा- किस राशि के लिए कौन सी धातु शुभ मानी जाती है।
सोने का छल्ला
मेष राशि के जातकों को तांबे का छल्ला बहुत ही लाभकारी होता है तांबे के छल्ले के प्रभाव से क्रोध शांत होगा रोगों से राहत मिलेगी आर्थिक दृष्टि से भी लाभ होगा किसी भी शुक्ल पक्ष में रविवार के दिन बाएं हाथ की अनामिका उंगली में तांबे का छल्ला पहने इससे अनेकों लाभ होंगे।
वृष राशि का स्वामी शुक्र होता है इसलिए शुक्रवार के दिन चांदी का छल्ला धारण करने से इस राशि के लोगों को अनेकों लाभ होते हैं चांदी का छल्ला पहनने से वैवाहिक जीवन सुख में व्यतीत होगा धन संबंधी समस्याएं भी समाप्त हुई दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में पहने चांदी का छल्ला।
मिथुन राशि- का स्वामी बुध माना जाता है इस राशि के लोगों को कांचे का छल्ला पहनना चाहिए इससे मन शांत होगा बुद्धि का विकास होगा कैरियर में भी उन्नति होगी मिथुन राशि के जातकों को कहते का छल्ला बुधवार के दिन कनिष्का उंगली में धारण करना चाहिए।
कर्क राशि के जातकों को चांदी का छल्ला बहुत शुभ होता इससे परिवारिक प्रेम बढ़ेगा मन शांत होगा स्वास्थ्य अच्छा रहेगा कर्क राशि के लोगों लोहे का छल्ला नहीं पहनना चाहिए इससे परेशानी हो सकती है कर्क राशि के लोगों को सोमवार के दिन कनिष्का उंगली में चांदी का छल्ला धारण करना चाहिए।
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सिंह राशि के जातकों का स्वामी शुरू होता है इन्हें अनामिका उंगली में रविवार के दिन सोने का छल्ला पहनना चाहिए इससे अनेकों लाभ होंगे नौकरी व्यापार में उन्नति होगी समाज में मान सम्मान में वृद्धि होगी यदि सोने का छल्ला दोपहर में धारण किया जाए तो अधिक लाभ होता है।
कन्या राशि के जातकों को चांदी और सोने में बराबर मात्रा मिलाकर छल्ला पहनना चाहिए इसी अनामिका या कनिष्ठा उंगली में धारण कर सकते हैं बुधवार के दिन शाम के समय में छल्ला धारण करें इससे नौकरी पेशा में लाभ होगा स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा आर्थिक लाभ भी होगा।
चाँदी का छल्ला
तुला राशि का स्वामी शुक्र होता है तुला राशि के जातकों को चांदी का छल्ला बहुत ही लाभकारी होता है इसे शुक्रवार के दिन तर्जनी उंगली या अंगूठे में धारण करें चांदी का छल्ला धारण करने से खर्चों में रोक लगेगी मान समन बढ़ेगा वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता है वृश्चिक राशि के लोगों को तांबे का छल्ला पहनना चाहिए इससे लाभ होगा तांबे के छल्ले को मंगलवार के दिन अनामिका उंगली में धारण करें इससे अनेकों लाभ होंगे श्री हनुमान जी की कृपा प्राप्त होगी।
धनु राशि के जातकों का स्वामी गुरु होता है इसलिए धनु राशि के जातकों को तर्जनी उंगली में सोने का छल्ला पहनना चाहिए यदि सोने का छल्ला पहनने में असमर्थ है तो पीतल का चलना भी पहन सकते हैं इससे लाभ होगा कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी आमदनी में बढ़ोतरी होगी धन जुड़ी समस्याएं समाप्त होगी सोने या पीतल का चल रहा हमेशा गुरुवार के दिन ही धारण करें।
शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया शनिदेव का छल्ला
मकर राशिका स्वामी शनि होता है इसलिए मकर राशि के जातकों को लोहे का छल्ला पहनना चाहिए ऐसे शनिदेव की कृपा प्राप्त होगी इस चलने को शनिवार की अर्धरात्रि में धारण करने से अधिक लाभ होता है। सनी के छल्ले को धारण करने से आमदनी बढ़ेगी व्यापार में लाभ होगा और भी अनेकों लाभ होंगे।
कुंभ राशिके जातकों कभी स्वामी शनि ही होता है इन्हें भी लोहे का छल्ला पहनना चाहिए शनिवार की रात्रि में छल्ला धारण करें इससे अनेकों लाभ होंगे।
मीन राशि का स्वामी बृहस्पति होता है इसलिए नींद आती के लोगों को सोने या पीतल का छल्ला पहनना चाहिए से बृहस्पति देव की कृपा प्राप्त होगी धन में वृद्धि होगी कार्य क्षेत्र में भी उन्नति होगी सुने या पीतल का छल्ला गुरुवार के दिन धारण कर सकते हैं।
महिलाओं के शरीर में किस अंग पर तिल का निशान होता है वेहद खास
दर्शकों सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार देखने तो पुरुष और महिला दोनों के शरीर पर तिल के निशान का विशेष महत्व होता है ।
नमस्कार दर्शकों मैं हूं आपके साथ ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री।।
आज की श्रृखला में आज के श्रंखला में हम बात करेंगे महिलाओं के अंगों पर तिल के निशान के बारे में महिलाओं के अलग-अलग रंगों पर तिल के निशान का अलग-अलग प्रभाव होता है प्रत्येक तिल का निशान कुछ न कुछ संकेत जरूर देता है।
Lucky moles
क्या कहता है??? स्त्रियों के माथे पर तिल का निशान-
जिन महिलाओं के माथे पर तिल का निशान होता है वह महिलाएं आत्मनिर्भर होती हैं उनका आत्मविश्वास मजबूत होता है ऐसी महिलाएं किसी पर निर्भर नहीं रहती यह अपनी स्वयं की मेहनत से सब कुछ हासिल करती हैं अपनी सफलता का रास्ता स्वयं ही खोजती हैं।
गाल पर तिल का निशान
गाल पर तिल का निशान क्या संकेत देता है???
जिन महिलाओं के बाएं गाल पर तिल का निशान होता है वे स्त्रियां बहुत ही भाग्यशाली होती हैं साथ ही तिल का निशान उनके सुंदरता में भी चार चांद लगा देता है ऐसी महिलाएं बहुत ही आकर्षक दिखती है।
इन महिलाओं का फ्रेंड सर्कल बहुत ही बड़ा होता है दूसरों से काम निकालना इनको अच्छे से आता है इनकी बातें लोगों को बहुत अच्छी लगती हैं यह लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने में बहुत ही जल्दी सफल हो जाती है।
महिलाओं की नाभि पर तिल का निशान
क्या बतलाता है???
महिलाओं की नाभि पर तिल का निशान जिन महिलाओं के सीने और नाभि के बीच के हिस्से में तिल का निशान होता है ऐसी महिलाएं खाने की बहुत ही शौकीन होती इन्हें अलग अलग तरह का भोजन करना ज्यादा पसंद आता है जिन स्त्रियों के नाभि के अंदर तिल होता है यह बहुत ही शुभ माना जाता है कि नीतियों के पास धन संपत्ति की कभी भी कमी नहीं रहती है इनका जीवन बहुत ही सुख में व्यतीत होता है
लेकिन जिन महिलाओं के नाभि के नीचे तिल का निशान होता है इसे शुभ नहीं मानते हमेशा ही ऐसी स्त्रियां पेट संबंधी बीमारियों से ग्रसित रहती हैं यदि नाभि के दाएं या बाएं हिस्से पर तिल का निशान होता है तो इसे शुभ माना जाता है यह धन वैभव में वृद्धि कराता है।
स्त्रियों के होंठ पर तिल का निशान
क्या लाभ देता है????
जिन महिलाओं के ऊंट के ऊपर तिल का निशान होता है उनका अपने जीवन साथी के साथ प्रेम का रिश्ता बहुत ही मजबूत होता है ऐसी महिलाएं जिस से भी प्रेम करती हैं बहुत ही सच्चा प्रेम करती हैं।
ये महिलाएं बोलने में बहुत ही तेज होती हैं होंठ पर तिल के निशान वाली महिलाएं अपनी बात कहने में कभी नहीं चूकती मान सम्मान बीन का अधिक होता है यह किसी भी मंच पर बोल सकती हैं इन्हें बोलने में कभी भी डर नहीं लगता है।
Video जरूर देखें
दर्शकों कुछ तिल व्यक्ति के जन्म से ही होते हैं और कुछ तिल जन्म के बाद धीरे-धीरे निकलना शुरू होते हैं दिल कई प्रकार के होते हैं कुछ हल्के काले तो कुछ बड़े और गहरे काले रंग के होते हैं किसी किसी लोगों को हल्के लाल रंग में भी तेल पाए जाते हैं दिल हमेशा एक जैसा रहे यह भी जरूरी नहीं होता दिल अपना रूप रंग और आकार बदलता रहता है कभी-कभी दिल शरीर से गायब हो जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार माने तो शरीर पर 12 से ज्यादा तिल होना अच्छा नहीं माना जाता है।
दर्शकों शरीर पर तिलों को लेकर अलग-अलग धारणाएं और मान्यताएं हैं हमारी इस वेबसाइट और वीडियो में दी गई जानकारी की पुष्टि हम पूर्ण रूप से नहीं करते हैं ।
नीलम रत्न धारण करने की संपूर्ण विधि जानिए ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री के साथ हमारे इस ब्लॉग पर आपका बहुत-बहुत स्वागत है आपके मन में कोई सवाल है ज्योतिष संबंधी कोई समस्या है तो कमेंट बॉक्स में लिखें।
नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न माना जाता है यह रतन बहुत ही प्रभावशाली होता है यह एक ऐसा रत्न है जो अपना प्रभाव जातक पर बहुत जल्द दिखाता है यदि नीलम रत्न व्यक्ति को फायदा कर गया तो मालामाल कर देता है
और यदि फायदा ना किया तो देखते ही देखते ही व्यक्ति को कंगाल बना देता है इसलिए नीलम रत्न को धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श जरूर करें।
नीलम बहुत ही महंगा रत्न होता है इसलिए नीलम रत्न बेचने वाले लोग नकली पत्थर को असली नीलम बताकर बेच देते हैं भोले वले लोगों को चूना लगा देते हैं इस समस्या से बचने के लिए हमारी पोस्ट को पूरा पढ़ें।
नीलम रत्न की पहचान कैसे करें।
असली है या नकली?????
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नीलम की पहचान करने के लिए कांच के गिलास में कच्चा गाय का दूध भरे अब उसमें नीलम पत्थर को डालें कुछ समय बाद यदि दूध हल्का नीला नीला दिखने लगे दूध यदि थोड़ा सा भी रंग बदले तो नीलम असली समझे असली नीलम ही चमत्कारी प्रभाव दिखा सकता है हर नीला पत्थर नीलम नहीं हो सकता यह ध्यान रखें।
असली नीलम बहुत ही चिकना और चमकदार होता है यह रत्न मोर के पंख के समान हल्का नीला होता है असली नीलम की पहचान करने के लिए पानी से भरे कांच के गिलास को धूप में सफेद कपड़े पर रखें और ग्लास में नीलम पत्थर डालें यह गिलास में नीली नीली करने नजर आए तो नीलम रत्न को असली समझे।
किसे धारण करना चाहिए नीलम रत्न?????
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मेष राशि वृष राशि तुला राशि एवं वृश्चिक राशि के लोगों को नीलम रत्न लाभ देता है यदि जन्म कुंडली में शनि चतुर्थ भाव पंचम भाव दशम भाव या फिर एकादश भाव में विराजमान हो तो जातक नीलम धारण कर सकते हैं नीलम रत्न धारण करने से व्यक्ति की धन संपत्ति से जुड़ी समस्याएं समाप्त होती हैं साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होती है नौकरी व्यापार में भी लाभ होता है।
नीलम रतन को पंच धातु से बनी अंगूठी में जड़वा कर पहनना चाहिए नीलम रत्न को हमेशा ही बाएं हाथ की मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए नीलम रत्न कम से कम 7:15 रत्ती का होना चाहिए नीलम रत्न कृष्ण पक्ष में शनिवार के मध्य रात्रि में धारण करने से अधिक लाभ होता है नीलम रत्न धारण करने के बाद मांस मदिरा का सेवन ना करें इससे अधिक लाभ होगा।