यदि आपके विवाह में देरी हो रही है आप जानना चाहते हैं आपको जीवन साथी कैसा मिलेगा हम से प्रेम करेगा या नहीं ससुराल पक्ष कैसा होगा जानने के लिए हमारे जुड़े रहे मैं हूं आपके साथ... ज्योतिषाचार्य प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज
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ज्योतिष हस्तरेखाशास्त्र के अनुसार देखें तो हाथ की हथेली में विवाह रेखा का विशेष महत्व होता है विवाह रेखा के द्वारा हम जान सकते हैं हमारा विवाह कब और कैसे कहां होगा हमारा जीवन साथी कैसा होगा हमारे हाथ की रेखाएं भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में पहले से ही संकेत दे देती हैं।
हमारे जीवन में क्या बदलाव होने वाला है हमारा भविष्य कैसा रहेगा इन सभी प्रश्नों के उत्तर हाथ की रेखाओं के द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं।
दर्शकों विवाह रेखा के बारे में जानने से पहले हाथ की कुछ रेखा और स्थानों के बारे में जानना बहुत जरूरी होता है हाथ में अन्य देखा और स्थानों के बारे में जानने के बाद ही विभाग रेखा के बारे में आप सही सटीक जानकारी निकाल सकेंगे।
आइए जानते हैं हथेली में किस स्थान पर होती है विवाह रेखा marriage line in hand
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली में कनिष्ठका यानी हाथ की सबसे छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत पर बाहर की ओर जाने वाली रेखा को विवाह रेख के नाम से जाना जाता है चित्र में ध्यान से देखें।
यदि विवाह रेखा हृदय रेखा के ज्यादा पास में है तो 18 से 21 साल की आयु में विवाह होने की संभावना रहती है और यदि हृदय रेखा से विवाह रेखा की दूरी ज्यादा है तो 28 से 31 वर्ष की आयु में लगभग विवाह होता है एक से अधिक विवाह रेखाएं प्रेम प्रसंगों के बारे में दर्शाती हैं।
Watch this Video विवाह रेखा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए वीडियो को जरूर देखें...
विवाह रेखा से जुड़ी कुछ खास बातें..
एक अकेली विवाह रेखा साफ स्पष्ट गहरी और लंबी है तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है ऐसे जातकों को अधिक प्रेम करने वाला जीवन साथी प्राप्त होता है।
यदि बुध पर्वत की ओर आते आते विवाह रेखा दो से तीन भागों में बट जाए तो विवाह होते होते टूटने की संभावना रहती है।
यदि बुध पर्वत पर दो भागों में विवाह रेखा नजर आए तो विवाह होने के बाद वैवाहिक जीवन में कलह की आशंका रहती है।
यदि विवाह रेखा हृदय रेखा से दूर छोटी उंगली के बिल्कुल पास हो साथ ही रेखा यदि ऊपर की ओर मुड़ी हो ऐसे लोगों के विवाह होने मेंबहुत परेशानियां आती है कभी-कभी तो ऐसे लोग अविवाहित ही रह जाते हैं
यदि विवाह रेखा पर क्रॉस का निशान हो तो इसे शुभ माना जाता है ऐसे लोगों के जीवन में प्रेम की कमी नहीं रहती है।
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार देखें तो जिस व्यक्ति की हथेली में विवाह रेखा सूर्य पर्वत तक जाती है उसे शुभ मानते हैं। ऐसे जातकों का विवाह पैसे वाले घर में होता है इनके पास विवाह के बाद पैसों की कभी भी कमी नहीं रहती है।
जिन पुरुषों या महिलाओं के हाथ में विवाह रेखा के साथ दो से तीन रेखाएं और होती हैं ऐसे लोगों के जीवन में पति या पत्नी के अलावा प्रेम प्रसंगों की संभावना भी रहती है।
स्त्री हो या पुरुष विवाह रेखा के बगल में एक और सामान देखा हो तो दो विवाह का योग बनता है लेकिन दोनों रेखाएं समान होनी चाहिए।
ब्लॉक में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है इसकी पुष्टि हम पूर्ण रूप से नहीं करते हैं
हिंदू धर्म में होलिका दहन का विशेष महत्व माना जाता है इसे रंगोत्सव
पर्व के रूप में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है हिंदू पंचांग के अनुसार देखें तो प्रत्येक वर्ष के फाल्गुन मास में पूर्णिमा की रात होलिका दहन किया जाता है इसके अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है सभी हिंदू भाई एक दूसरे को रंग लगाते हैं और गले मिलते हैं।
होलिका दहन की रात्रि बहुत ही विशेष मानी जाती है इस दिन कुछ विशेष उपायों को करने से चमत्कारी लाभ प्राप्त होते हैं।
माता लक्ष्मी होंगी प्रसन्न
बीमारियों से मिलेगा छुटकारा।
सभी परेशानियां हुई समाप्त।
नौकरी व्यापार में होगी उन्नति।
होलिका दहन
पहला उपाय÷
यदि आप बीमारियों से छुटकारा पाना चाहते हैं परवारिक सुख की कामना है तो इस उपाय को जरूर करें।
होलिक दहन की रात जल में गंगा जल मिलाकर स्नान करें स्नान के बाद लाल या पीले वस्त्र धारण करें चमेली का इत्र लगाएं अपने घर घर के पूजा घर में श्री हनुमान जी की प्रतिमा के सामने देसी घी का दीपक जलाएं उन्हीं लाल रंग के आसन पर बैठकर श्री हनुमान जी महाराज का पंचोपचार से पूजन करें चंदन पुष्प धूप दीप नैवेद्य आदि से पीला सिंदूर हनुमान जी को लगाकर स्वयं भी लगाएं अब लाल मूंगे की माला से इस मंत्र का 21 माला जप करें । मंत्र जप के प्रभाव से जीवन में आ रही परेशानियों समाप्त होगी रोगों से मुक्ति मिलेगी परिवारिक कलह शांत होगी।
मंत्र इस प्रकार है
ओम नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा।।
दूसरा उपाय÷
अशोक डरावनी सपनों से मिलेगी मुक्ति जिन लोगों को रात में डरावने अशुभ सपने देखते हैं वे लोग इस उपाय को जरूर करें
एक सूखा नारियल जिसका हवन की पूर्णाहुति में प्रयोग किया जाता है जी हां एक सूखा नारियल काले तिल पीली सरसों को लाल कपड़े में बांधकर अपने सिर के ऊपर से 7 बार उतारकर जलती हुई होली में डालें अब हल्का की सात बार परिक्रमा करें।
होलिका दहन के समय होलिका का पंचोपचार से पूजन करें इसके बाद सवा सवा 100 ग्राम गेहूं ,चना ,मटर ,अलसी जलती हुई होली में डालें साथ ही सात परिक्रमा करें हाथ जोड़कर प्रार्थना करें जल्दी आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।
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Holika dahan
चौथा उपाय÷
नौकरी व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए
यदि आपको मेहनत करने के बाद भी सफलता प्राप्त नहीं हो रही है तो इस उपाय को जरूर करें होलिका दहन के समय एक सूखा नारियल पान के पत्ते पर सुपारी लॉन्ग रखकर अपनी मनोकामना बोले श्रद्धा और विश्वास के साथ होलिका में समर्पित करें सात परिक्रमा करें जल्दी आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।
पांचवा उपाय÷
विवाह में देरी जिन लोगों के विवाह में विलंब हो रहा है जन्म कुंडली में दोष के कारण विवाह में देरी हो रही है अनेकों प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है तो वह लोग इस उपाय को जरूर करें।
होली की रात एक साबुत पान के पत्ते पर पांच सुपारी 5 हल्दी की गांठ रखकर भगवान भोलेनाथ के मंदिर में जाकर शिवलिंग पर अर्पित करें और प्रार्थना करें जल्दी आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।
दर्शकों हमारे वीडियो वेबसाइट में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है इसकी पुष्टि हम पूर्ण रूप से नहीं करते हैं।
दर्शकों भारतीय ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों का संबंध किसी न किसी तत्व से माना जाता है जैसे कुछ राशियां अग्नि तत्व और कुछ राशियां जल तत्व से जुड़ी होती हैं राशि तत्व के अनुसार ही नवग्रहों से संबंधित कुछ दांत में बतलाई गई है। आइए जानते हैं???? ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज के द्वारा- किस राशि के लिए कौन सी धातु शुभ मानी जाती है।
सोने का छल्ला
मेष राशि के जातकों को तांबे का छल्ला बहुत ही लाभकारी होता है तांबे के छल्ले के प्रभाव से क्रोध शांत होगा रोगों से राहत मिलेगी आर्थिक दृष्टि से भी लाभ होगा किसी भी शुक्ल पक्ष में रविवार के दिन बाएं हाथ की अनामिका उंगली में तांबे का छल्ला पहने इससे अनेकों लाभ होंगे।
वृष राशि का स्वामी शुक्र होता है इसलिए शुक्रवार के दिन चांदी का छल्ला धारण करने से इस राशि के लोगों को अनेकों लाभ होते हैं चांदी का छल्ला पहनने से वैवाहिक जीवन सुख में व्यतीत होगा धन संबंधी समस्याएं भी समाप्त हुई दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में पहने चांदी का छल्ला।
मिथुन राशि- का स्वामी बुध माना जाता है इस राशि के लोगों को कांचे का छल्ला पहनना चाहिए इससे मन शांत होगा बुद्धि का विकास होगा कैरियर में भी उन्नति होगी मिथुन राशि के जातकों को कहते का छल्ला बुधवार के दिन कनिष्का उंगली में धारण करना चाहिए।
कर्क राशि के जातकों को चांदी का छल्ला बहुत शुभ होता इससे परिवारिक प्रेम बढ़ेगा मन शांत होगा स्वास्थ्य अच्छा रहेगा कर्क राशि के लोगों लोहे का छल्ला नहीं पहनना चाहिए इससे परेशानी हो सकती है कर्क राशि के लोगों को सोमवार के दिन कनिष्का उंगली में चांदी का छल्ला धारण करना चाहिए।
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सिंह राशि के जातकों का स्वामी शुरू होता है इन्हें अनामिका उंगली में रविवार के दिन सोने का छल्ला पहनना चाहिए इससे अनेकों लाभ होंगे नौकरी व्यापार में उन्नति होगी समाज में मान सम्मान में वृद्धि होगी यदि सोने का छल्ला दोपहर में धारण किया जाए तो अधिक लाभ होता है।
कन्या राशि के जातकों को चांदी और सोने में बराबर मात्रा मिलाकर छल्ला पहनना चाहिए इसी अनामिका या कनिष्ठा उंगली में धारण कर सकते हैं बुधवार के दिन शाम के समय में छल्ला धारण करें इससे नौकरी पेशा में लाभ होगा स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा आर्थिक लाभ भी होगा।
चाँदी का छल्ला
तुला राशि का स्वामी शुक्र होता है तुला राशि के जातकों को चांदी का छल्ला बहुत ही लाभकारी होता है इसे शुक्रवार के दिन तर्जनी उंगली या अंगूठे में धारण करें चांदी का छल्ला धारण करने से खर्चों में रोक लगेगी मान समन बढ़ेगा वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता है वृश्चिक राशि के लोगों को तांबे का छल्ला पहनना चाहिए इससे लाभ होगा तांबे के छल्ले को मंगलवार के दिन अनामिका उंगली में धारण करें इससे अनेकों लाभ होंगे श्री हनुमान जी की कृपा प्राप्त होगी।
धनु राशि के जातकों का स्वामी गुरु होता है इसलिए धनु राशि के जातकों को तर्जनी उंगली में सोने का छल्ला पहनना चाहिए यदि सोने का छल्ला पहनने में असमर्थ है तो पीतल का चलना भी पहन सकते हैं इससे लाभ होगा कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी आमदनी में बढ़ोतरी होगी धन जुड़ी समस्याएं समाप्त होगी सोने या पीतल का चल रहा हमेशा गुरुवार के दिन ही धारण करें।
शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया शनिदेव का छल्ला
मकर राशिका स्वामी शनि होता है इसलिए मकर राशि के जातकों को लोहे का छल्ला पहनना चाहिए ऐसे शनिदेव की कृपा प्राप्त होगी इस चलने को शनिवार की अर्धरात्रि में धारण करने से अधिक लाभ होता है। सनी के छल्ले को धारण करने से आमदनी बढ़ेगी व्यापार में लाभ होगा और भी अनेकों लाभ होंगे।
कुंभ राशिके जातकों कभी स्वामी शनि ही होता है इन्हें भी लोहे का छल्ला पहनना चाहिए शनिवार की रात्रि में छल्ला धारण करें इससे अनेकों लाभ होंगे।
मीन राशि का स्वामी बृहस्पति होता है इसलिए नींद आती के लोगों को सोने या पीतल का छल्ला पहनना चाहिए से बृहस्पति देव की कृपा प्राप्त होगी धन में वृद्धि होगी कार्य क्षेत्र में भी उन्नति होगी सुने या पीतल का छल्ला गुरुवार के दिन धारण कर सकते हैं।
महिलाओं के शरीर में किस अंग पर तिल का निशान होता है वेहद खास
दर्शकों सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार देखने तो पुरुष और महिला दोनों के शरीर पर तिल के निशान का विशेष महत्व होता है ।
नमस्कार दर्शकों मैं हूं आपके साथ ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री।।
आज की श्रृखला में आज के श्रंखला में हम बात करेंगे महिलाओं के अंगों पर तिल के निशान के बारे में महिलाओं के अलग-अलग रंगों पर तिल के निशान का अलग-अलग प्रभाव होता है प्रत्येक तिल का निशान कुछ न कुछ संकेत जरूर देता है।
Lucky moles
क्या कहता है??? स्त्रियों के माथे पर तिल का निशान-
जिन महिलाओं के माथे पर तिल का निशान होता है वह महिलाएं आत्मनिर्भर होती हैं उनका आत्मविश्वास मजबूत होता है ऐसी महिलाएं किसी पर निर्भर नहीं रहती यह अपनी स्वयं की मेहनत से सब कुछ हासिल करती हैं अपनी सफलता का रास्ता स्वयं ही खोजती हैं।
गाल पर तिल का निशान
गाल पर तिल का निशान क्या संकेत देता है???
जिन महिलाओं के बाएं गाल पर तिल का निशान होता है वे स्त्रियां बहुत ही भाग्यशाली होती हैं साथ ही तिल का निशान उनके सुंदरता में भी चार चांद लगा देता है ऐसी महिलाएं बहुत ही आकर्षक दिखती है।
इन महिलाओं का फ्रेंड सर्कल बहुत ही बड़ा होता है दूसरों से काम निकालना इनको अच्छे से आता है इनकी बातें लोगों को बहुत अच्छी लगती हैं यह लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने में बहुत ही जल्दी सफल हो जाती है।
महिलाओं की नाभि पर तिल का निशान
क्या बतलाता है???
महिलाओं की नाभि पर तिल का निशान जिन महिलाओं के सीने और नाभि के बीच के हिस्से में तिल का निशान होता है ऐसी महिलाएं खाने की बहुत ही शौकीन होती इन्हें अलग अलग तरह का भोजन करना ज्यादा पसंद आता है जिन स्त्रियों के नाभि के अंदर तिल होता है यह बहुत ही शुभ माना जाता है कि नीतियों के पास धन संपत्ति की कभी भी कमी नहीं रहती है इनका जीवन बहुत ही सुख में व्यतीत होता है
लेकिन जिन महिलाओं के नाभि के नीचे तिल का निशान होता है इसे शुभ नहीं मानते हमेशा ही ऐसी स्त्रियां पेट संबंधी बीमारियों से ग्रसित रहती हैं यदि नाभि के दाएं या बाएं हिस्से पर तिल का निशान होता है तो इसे शुभ माना जाता है यह धन वैभव में वृद्धि कराता है।
स्त्रियों के होंठ पर तिल का निशान
क्या लाभ देता है????
जिन महिलाओं के ऊंट के ऊपर तिल का निशान होता है उनका अपने जीवन साथी के साथ प्रेम का रिश्ता बहुत ही मजबूत होता है ऐसी महिलाएं जिस से भी प्रेम करती हैं बहुत ही सच्चा प्रेम करती हैं।
ये महिलाएं बोलने में बहुत ही तेज होती हैं होंठ पर तिल के निशान वाली महिलाएं अपनी बात कहने में कभी नहीं चूकती मान सम्मान बीन का अधिक होता है यह किसी भी मंच पर बोल सकती हैं इन्हें बोलने में कभी भी डर नहीं लगता है।
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दर्शकों कुछ तिल व्यक्ति के जन्म से ही होते हैं और कुछ तिल जन्म के बाद धीरे-धीरे निकलना शुरू होते हैं दिल कई प्रकार के होते हैं कुछ हल्के काले तो कुछ बड़े और गहरे काले रंग के होते हैं किसी किसी लोगों को हल्के लाल रंग में भी तेल पाए जाते हैं दिल हमेशा एक जैसा रहे यह भी जरूरी नहीं होता दिल अपना रूप रंग और आकार बदलता रहता है कभी-कभी दिल शरीर से गायब हो जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार माने तो शरीर पर 12 से ज्यादा तिल होना अच्छा नहीं माना जाता है।
दर्शकों शरीर पर तिलों को लेकर अलग-अलग धारणाएं और मान्यताएं हैं हमारी इस वेबसाइट और वीडियो में दी गई जानकारी की पुष्टि हम पूर्ण रूप से नहीं करते हैं ।
नीलम रत्न धारण करने की संपूर्ण विधि जानिए ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री के साथ हमारे इस ब्लॉग पर आपका बहुत-बहुत स्वागत है आपके मन में कोई सवाल है ज्योतिष संबंधी कोई समस्या है तो कमेंट बॉक्स में लिखें।
नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न माना जाता है यह रतन बहुत ही प्रभावशाली होता है यह एक ऐसा रत्न है जो अपना प्रभाव जातक पर बहुत जल्द दिखाता है यदि नीलम रत्न व्यक्ति को फायदा कर गया तो मालामाल कर देता है
और यदि फायदा ना किया तो देखते ही देखते ही व्यक्ति को कंगाल बना देता है इसलिए नीलम रत्न को धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श जरूर करें।
नीलम बहुत ही महंगा रत्न होता है इसलिए नीलम रत्न बेचने वाले लोग नकली पत्थर को असली नीलम बताकर बेच देते हैं भोले वले लोगों को चूना लगा देते हैं इस समस्या से बचने के लिए हमारी पोस्ट को पूरा पढ़ें।
नीलम रत्न की पहचान कैसे करें।
असली है या नकली?????
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नीलम की पहचान करने के लिए कांच के गिलास में कच्चा गाय का दूध भरे अब उसमें नीलम पत्थर को डालें कुछ समय बाद यदि दूध हल्का नीला नीला दिखने लगे दूध यदि थोड़ा सा भी रंग बदले तो नीलम असली समझे असली नीलम ही चमत्कारी प्रभाव दिखा सकता है हर नीला पत्थर नीलम नहीं हो सकता यह ध्यान रखें।
असली नीलम बहुत ही चिकना और चमकदार होता है यह रत्न मोर के पंख के समान हल्का नीला होता है असली नीलम की पहचान करने के लिए पानी से भरे कांच के गिलास को धूप में सफेद कपड़े पर रखें और ग्लास में नीलम पत्थर डालें यह गिलास में नीली नीली करने नजर आए तो नीलम रत्न को असली समझे।
किसे धारण करना चाहिए नीलम रत्न?????
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मेष राशि वृष राशि तुला राशि एवं वृश्चिक राशि के लोगों को नीलम रत्न लाभ देता है यदि जन्म कुंडली में शनि चतुर्थ भाव पंचम भाव दशम भाव या फिर एकादश भाव में विराजमान हो तो जातक नीलम धारण कर सकते हैं नीलम रत्न धारण करने से व्यक्ति की धन संपत्ति से जुड़ी समस्याएं समाप्त होती हैं साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होती है नौकरी व्यापार में भी लाभ होता है।
नीलम रतन को पंच धातु से बनी अंगूठी में जड़वा कर पहनना चाहिए नीलम रत्न को हमेशा ही बाएं हाथ की मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए नीलम रत्न कम से कम 7:15 रत्ती का होना चाहिए नीलम रत्न कृष्ण पक्ष में शनिवार के मध्य रात्रि में धारण करने से अधिक लाभ होता है नीलम रत्न धारण करने के बाद मांस मदिरा का सेवन ना करें इससे अधिक लाभ होगा।
किस राशि के लोगों को मूंगा रत्न देता है चमत्कारी लाभ
कब और कैसे धारण करें मूंगा रत्न
मूंगा रत्न धारण करने की संपूर्ण विधि...
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जानिए
Astrologer #Pramod_Krishna_Shastri ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज के अनुसार किस राशि के लोग पहन सकते हैं मूंगा रत्न, किसे होगा लाभ और किसे होगी हानि
मूंगा रत्न मंगल ग्रह का रत्न माना जाता है यह रत्न बहुत ही प्रभावशाली रत्न होता है इसे मंगल ग्रह को प्रसन्न करने के लिए धारण करने की ज्योतिषी सलाह देते हैं।
यदि जन्म कुंडली में मंगल अशुभ प्रभाव दिखा रहा है तो व्यक्ति में धैर्य की कमी मन परेशान साथ व्यक्ति को गुस्सा ज्यादा आता है।
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यदि व्यक्ति कर्ज में डूबा है आर्थिक तंगी से परेशान है तो मूंगा रत्न मदद कर सकता है मानसिक परेशानी डिप्रेशन घुटनों से जुड़ी परेशानी में भी मूंगा रत्न लाभकारी होता है
मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को मूंगा रत्न देता है विशेष लाभ मूंगा रत्न से साहस आत्मविश्वास में वृद्धि होती है मूंगा रत्न धारण करने से व्यवसाय नौकरी पेशा में होती है उन्नति और भी अनेकों लाभ होते हैं।
दर्शकों मूंगा रत्न धारण करने से पहले किसी ज्योतिषी की सलाह जरूर लें तभी रत्न धारण करें।
मूंगा रत्न धारण करने की विधि
मूंगा रत्न सवा सात रत्ती से कम नहीं पहनना चाहिए इसे तांबा पीतल पंचधातु या फिर सोने की अंगूठी में जड़वा कर शुक्ल पक्ष में मंगलवार के दिन प्रातः काल सूर्योदय के बाद धारण करना चाहिए सबसे पहले मूंगे की अंगूठी को गाय का कच्चा दूध गंगाजल शहद घी शक्कर के घोल में डुबोकर रखें कुछ समय बाद अंगूठी को घोल से निकालकर गंगाजल से धूल कर हनुमान जी के चरणों में रखकर इस मंत्र का 108 बार उच्चारण करें मंत्र इस प्रकार है
ॐ अं अंगारकाय नमः
मंत्र जप करने के बाद अब अनामिका उंगली में अंगूठी धारण करें।
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किस राशि के लोगों को मूंगा रत्न धारण करने से होता है लाभ और किसे होती हानि जानिए विस्तार से...
मेष राशि
मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह होता है इसलिए मेष राशि के जातकों को मूंगा रत्न से अनेकों लाभ होते हैं मेष राशि के जातक मूंगा रत्न लाइफ टाइम हमेशा जीवन भर पहन सकते हैं।
वृष राशि
वृष राशि के जातकों की कुंडली में यदि मंगल वृश्चिक राशि या फिर मकर राशि में स्थित है तो यह जातक मूंगा रतन धारण कर सकते हैं मंगल कि महादशा अंतर्दशा या फिर जन्म कुंडली में मंगल दोष है तू ही मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं वृष राशि के जातकों को मूंगा रत्न पहनने से वैवाहिक जीवन सुखमय एवं विदेश यात्रा का भी सुख प्राप्त हो सकता है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में यदि मंगल वृश्चिक राशि में छठे भाव या फिर मेष राशि में ग्यारहवें भाव में हो तो मिथुन राशि के जातक मूंगा पहन सकते हैं मिथुन राशि के लोगों को मूंगा धारण करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है आय के स्रोतों में भी वृद्धि होती है।
कर्क राशि
मंगल कर्क राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ ग्रह है कर्क राशि के कुंडली में यदि मंगल पांचवें और दशम भाव का स्वामी है तो कर्क राशि के जातक मूंगा पहन सकते हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों की कुंडली में मंगल चौथे स्थान और नवम स्थान का स्वामी है इसलिए सिंह राशि के जातकों को मूंगा रत्न धारण करना चाहिए मंगल कि महादशा अंतर्दशा चलने पर मूंगा रत्न अधिक लाभकारी होता है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों की कुंडली में यदि मंगल अपनी राशि यानी वृश्चिक और मेष में बैठा हो साथ ही मंगल की महादशा चल रही हो तो मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों की कुंडली में मंगल स्वराशि मेष और वृश्चिक राशि में बैठा हूं या फिर उच्च राशि में जैसे मकर में स्थित हो तो तुला राशि के जातक मूंगा पहन सकते हैं।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों का मंगल स्वामी ग्रह माना जाता है इसलिए वृश्चिक राशि के जातकों को मूंगा रत्न बहुत ही लाभकारी होता है यह रत कभी भी धारण कर सकते हैं
धनु राशि
धनु राशि के जातकों की कुंडली में मंगल पंचम और बारहवें भाव का स्वामी है इसलिए मूंगा रत्न आपके लिए फलदाई साबित होगा।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों की कुंडली में मंगल उचित स्थान पर विराजमान है या फिर मकर में से या फिर वृश्चिक राशि में विराजमान हो तो भी मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं अन्यथा मूंगा रत्न हानि पहुंचा सकता है
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों की कुंडली में मंगल मकर में सफर वृश्चिक राशि में स्थित हो तो मूंगा धारण कर सकते हैं या फिर मंगल की महादशा चल रही हो तो भी मूंगा पहन सकते हैं।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों की कुंडली में मंगल दूसरे और नवम भाव का स्वामी है इसलिए आपकी राशि के लिए मंगल शुभ फल देगा यदि मीन राशि के जातक चाहे तो मूं पहन सकते हैं इससे इन्हें लाभ हो सकता है
मूंगा रत्न के साथ कौन से रत्न नहीं पहनना चाहिए
मूंगा रत्न के साथ पन्ना लहसुनिया और गोमेद रत्न भूलकर भी नहीं पहनना चाहिए।
दर्शकों कोई भी रत्न ज्योतिषी सलाह के बिना धारण ना करें अन्यथा हानि हो सकती है
रत्नों का हमारे जीवन में विशेष महत्व होता है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखें तो रत्नों में इतनी शक्ति होती है कि रत्न हमारे भाग को भी बदल सकते हैं ज्योतिषशास्त्र में 12 राशियों का वर्णन आता है प्रत्येक राशि का अलग-अलग स्वभाव होता है और उसी प्रकार प्रत्येक रत्न हर राशि पर अलग-अलग प्रभाव डालता है।
आइए जानते हैं किस राशि के जातक के लिए कौन सा रत्न शुभ होता है ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज #astrologer #Pramod_Krishna_Shastri के अनुसार जानिए.....
मेष राशि-
मेष राशि का स्वामी मंगल होता है मंगल ग्रह का रत्न मूंगा माना जाता है मेष राशि के जातकों के लिए मूंगा रत्न बहुत ही लाभकारी होता है मेष राशि के लोगों को मूंगा अनेकों फायदे देता है मानसिक परेशानी धन वैभव नौकरी व्यापार आदमी मूंगा रत्न से लाभ मिलता है मूंगा रत्न मंगलवार के दिन अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए।
वृष राशि
वृष राशि का स्वामी शुक्र होता है शुक्र ग्रह का राशि रत्न हीरा माना जाता है हीरा रत्न बहुत ही महंगा होता है इसलिए हर कोई हीरा नहीं पहन सकता इसलिए हीरा की जगह लोग ओपल रत्न धारण करते हैं ओपल ज्यादा महंगा रत्न नहीं मिलता है। हीरा और ओपल रत्न दोनों ही वृष राशि के जातकों के लिए लाभकारी होते हैं इससे सुख सुविधाएं एवं आर्थिक स्थिति मजबूत होती व्यापार में भी लाभ होता है हीरा धन वैभव का प्रतीक माना जाता है यह रत्न शुक्रवार के दिन धारण कर सकते हैं।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि का स्वामी बुध होता है बुध ग्रह का राशि रत्न पन्ना माना जाता है मिथुन राशि के जातक यदि पन्ना रत्न धारण करते हैं तो वाणी में मधुरता आती है बुद्धि तेज होती है धन वैभव यश कीर्ति की प्राप्ति होती है और भी अनेकों लाभ होते हैं शुक्ल पक्ष में बुधवार के दिन कनिष्ठका उंगली में धारण करना चाहिए।
कर्क राशि
कर्क राशि का स्वामी चंद्र ग्रह माना जाता है चंद्र ग्रह का राशि रत्न मोती होता है कर्क राशि के जातक यदि सफेद मोती धारण करते हैं तो मानसिक शांति प्राप्त होती है अच्छा स्वास्थ्य लंबी आयु जातक को मिलती है मोती रत्न सोमवार के दिन कनिष्का उंगली में धारण करना चाहिए।
सिंह राशि
सिंह राशि का स्वामी सूर्य होता है सूर्य का रंग लाल होता है इसलिए सूर्य का राशि रत्न माणिक्य होता है माणिक धारण करने व्यक्ति का आत्मविश्वास मजबूत होता है कार्य क्षेत्र में सफलता मिलती है नेत्रों से जुड़ी परेशानियां समाप्त होती हैं माणिक रत्न रविवार को दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए।
कन्या राशि
कन्या राशि का भी स्वामी ग्रह बुध होता है और और बुध ग्रह का राशि रत्न पन्ना होता है कन्या राशि के जातकों को पन्ना रत्न धारण करने से अनेकों लाभ होते हैं पन्ना बुधवार के दिन धारण करना चाहिए
तुला राशि
तुला राशि का स्वामी शुक्र होता है शुक्र ग्रह का राशि रत्न हीरा होता है तुला राशि के जातकों को हीरा और अपन दोनों ही फायदेमंद होते हैं इन दोनों रत्नों को शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए।
वृश्चिक राशि
मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल होता है मेष और वृश्चिक राशि के जातकों को लाल मूंगा लाभकारी होता है मूंगा रत्न से अनेकों लाभ होते हैं इस रत्न को मंगलवार के दिन धारण करना चाहिए।
धनु राशि
धनु राशि का स्वामी ग्रह गुरु होता है गुरु का पीला रंग होता है इसलिए धनु राशि का राशि रत्न पुखराज माना जाता है गुरु धन का कारक होता है गुरु रत्न पुखराज धारण करने से धन बेगो की कमी नहीं रहती नौकरी व्यापार में उन्नति होती है पुखराज रत्न गुरुवार के दिन धारण करना चाहिए इसे पहली उंगली तर्जनी में धारण करें।
मकर राशि
मकर राशि का स्वामी शनि ग्रह होता है शनि का राशि रत्न नीलम माना जाता है नीलम रत्न बहुत ही चमत्कारी रत्न होता है नीलम रत्न धारण करने से आर्थिक लाभ एवं स्वास्थ्य लाभ साथ ही आत्मविश्वास मजबूत होता है नीलम एक ऐसा रत्न है जो व्यक्ति की जिंदगी बदल देता है नीलम रत्न को शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए।
कुंभ राशि
कुंभ राशि का स्वामी ग्रह शनि होता है कुंभ राशि के जातकों के लिए भी नीलम रत्न लाभकारी होता है मकर राशि और कुंभ राशि दोनों के जातक नीलम रत्न धारण कर सकते हैं इससे इन्हें चमत्कारिक लाभ प्राप्त होंगे इसे शनिवार को धारण करें।
मीन राशि
मीन राशि का भी राशि रत्न पुखराज होता है मीन राशि का स्वामी गुरु ग्रह होता है धनु राशि और मीन राशि के जातकों को पुखराज रत्न धारण करने से अनेकों लाभ प्राप्त होते हैं गुरुवार के दिन तर्जनी उंगली में पुखराज धारण करें।
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दर्शकों कोई भी रत्न धारण करने से पहले
ज्योतिषी परामर्श अवश्य प्राप्त करें तभी रत्न धारण करें