Sunday, February 27, 2022

नीलम रत्न की पहचान कैसे करें

 नीलम रत्न को कब और कैसे धारण करना चाहिए???

नीलम रत्न की पहचान कैसे करें
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नीलम रत्न धारण करने की संपूर्ण विधि जानिए ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री के साथ हमारे इस ब्लॉग पर आपका बहुत-बहुत स्वागत है आपके मन में कोई सवाल है ज्योतिष संबंधी कोई समस्या है तो कमेंट बॉक्स में लिखें।


नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न माना जाता है यह रतन बहुत ही प्रभावशाली होता है यह एक ऐसा रत्न है जो अपना प्रभाव जातक पर बहुत जल्द दिखाता है यदि नीलम रत्न व्यक्ति को फायदा कर गया तो मालामाल कर देता है
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और यदि फायदा ना किया तो देखते ही देखते ही व्यक्ति को कंगाल बना देता है इसलिए नीलम रत्न को धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श जरूर करें।

नीलम बहुत ही महंगा रत्न होता है इसलिए नीलम रत्न बेचने वाले लोग नकली पत्थर को असली नीलम बताकर बेच देते हैं भोले वले लोगों को चूना लगा देते हैं इस समस्या से बचने के लिए हमारी पोस्ट को पूरा पढ़ें।


नीलम रत्न की पहचान कैसे करें।
 असली है या नकली?????
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नीलम की पहचान करने के लिए कांच के गिलास में कच्चा गाय का दूध भरे अब उसमें नीलम पत्थर को डालें कुछ समय बाद यदि दूध हल्का नीला नीला दिखने लगे दूध यदि थोड़ा सा भी रंग बदले तो नीलम असली समझे असली नीलम ही चमत्कारी प्रभाव दिखा सकता है हर नीला पत्थर नीलम नहीं हो सकता यह ध्यान रखें।

असली नीलम बहुत ही चिकना और चमकदार होता है यह रत्न मोर के पंख के समान हल्का नीला होता है असली नीलम की पहचान करने के लिए पानी से भरे कांच के गिलास को धूप में सफेद कपड़े पर रखें और ग्लास में नीलम पत्थर डालें यह गिलास में नीली नीली करने नजर आए तो नीलम रत्न को असली समझे।

किसे धारण करना चाहिए नीलम रत्न?????
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मेष राशि वृष राशि तुला राशि एवं वृश्चिक राशि के लोगों को नीलम रत्न लाभ देता है यदि जन्म कुंडली में शनि चतुर्थ भाव पंचम भाव दशम भाव या फिर एकादश भाव में विराजमान हो तो जातक नीलम धारण कर सकते हैं नीलम रत्न धारण करने से व्यक्ति की धन संपत्ति से जुड़ी समस्याएं समाप्त होती हैं साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होती है नौकरी व्यापार में भी लाभ होता है।

नीलम रत्न धारण करने की संपूर्ण विधि
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नीलम रतन को पंच धातु से बनी अंगूठी में जड़वा कर पहनना चाहिए नीलम रत्न को हमेशा ही बाएं हाथ की मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए नीलम रत्न कम से कम 7:15 रत्ती का होना चाहिए नीलम रत्न कृष्ण पक्ष में शनिवार के मध्य रात्रि में धारण करने से अधिक लाभ होता है नीलम रत्न धारण करने के बाद मांस मदिरा का सेवन ना करें इससे अधिक लाभ होगा।

Thursday, February 24, 2022

किसे पहनना चाहिए मूंगा रत्न

किस राशि के लोगों को मूंगा रत्न देता है चमत्कारी लाभ
कब और कैसे धारण करें मूंगा रत्न
मूंगा रत्न धारण करने की संपूर्ण विधि...

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जानिए 
Astrologer #Pramod_Krishna_Shastri ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज के अनुसार किस राशि के लोग पहन सकते हैं मूंगा रत्न, किसे होगा लाभ और किसे होगी हानि
Moonga stone benefits




मूंगा रत्न मंगल ग्रह का रत्न माना जाता है यह रत्न बहुत ही प्रभावशाली रत्न होता है इसे मंगल ग्रह को प्रसन्न करने के लिए धारण करने की ज्योतिषी सलाह देते हैं।
यदि जन्म कुंडली में मंगल अशुभ प्रभाव दिखा रहा है तो व्यक्ति में धैर्य की कमी मन परेशान साथ व्यक्ति को गुस्सा ज्यादा आता है।
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यदि व्यक्ति कर्ज में डूबा है आर्थिक तंगी से परेशान है तो मूंगा रत्न मदद कर सकता है मानसिक परेशानी डिप्रेशन घुटनों से जुड़ी परेशानी में भी मूंगा रत्न लाभकारी होता है

मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को मूंगा रत्न देता है विशेष लाभ मूंगा रत्न से साहस आत्मविश्वास में वृद्धि होती है मूंगा रत्न धारण करने से व्यवसाय नौकरी पेशा में होती है उन्नति और भी अनेकों लाभ होते हैं।

 दर्शकों मूंगा रत्न धारण करने से पहले किसी ज्योतिषी की सलाह जरूर लें तभी रत्न धारण करें।


मूंगा रत्न धारण करने की विधि

मूंगा रत्न सवा सात रत्ती से कम नहीं पहनना चाहिए इसे तांबा पीतल पंचधातु या फिर सोने की अंगूठी में जड़वा कर शुक्ल पक्ष में मंगलवार के दिन प्रातः काल सूर्योदय के बाद धारण करना चाहिए सबसे पहले मूंगे की अंगूठी को गाय का कच्चा दूध गंगाजल शहद घी शक्कर के घोल में डुबोकर रखें कुछ समय बाद अंगूठी को घोल से निकालकर गंगाजल से धूल कर हनुमान जी के चरणों में रखकर इस मंत्र का 108 बार उच्चारण करें मंत्र इस प्रकार है 
ॐ अं अंगारकाय नमः
मंत्र जप करने के बाद अब अनामिका उंगली में अंगूठी धारण करें।
Mesh rashi stone vrischik rashi stone  Astrologer pramod Krishna Shastri
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किस राशि के लोगों को मूंगा रत्न धारण करने से होता है लाभ और किसे होती हानि जानिए विस्तार से...

मेष राशि

मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह होता है इसलिए मेष राशि के जातकों को मूंगा रत्न से अनेकों लाभ होते हैं मेष राशि के जातक मूंगा रत्न लाइफ टाइम हमेशा जीवन भर पहन सकते हैं।

वृष राशि

वृष राशि के जातकों की कुंडली में यदि मंगल वृश्चिक राशि या फिर मकर राशि में स्थित है तो यह जातक मूंगा रतन धारण कर सकते हैं मंगल कि महादशा अंतर्दशा या फिर जन्म कुंडली में मंगल दोष है तू ही मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं वृष राशि के जातकों को मूंगा रत्न पहनने से वैवाहिक जीवन सुखमय एवं विदेश यात्रा का भी सुख प्राप्त हो सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में यदि मंगल वृश्चिक राशि में छठे भाव या फिर मेष राशि में ग्यारहवें भाव में हो तो मिथुन राशि के जातक मूंगा पहन सकते हैं मिथुन राशि के लोगों को मूंगा धारण करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है आय के स्रोतों में भी वृद्धि होती है।

कर्क राशि

मंगल कर्क राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ ग्रह है कर्क राशि के कुंडली में यदि मंगल पांचवें और दशम भाव का स्वामी है तो कर्क राशि के जातक मूंगा पहन सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों की कुंडली में मंगल चौथे स्थान और नवम स्थान का स्वामी है इसलिए सिंह राशि के जातकों को मूंगा रत्न धारण करना चाहिए मंगल कि महादशा अंतर्दशा चलने पर मूंगा रत्न अधिक लाभकारी होता है।



कन्या राशि 

कन्या राशि के जातकों की कुंडली में यदि मंगल अपनी राशि यानी वृश्चिक और मेष में बैठा हो साथ ही मंगल की महादशा चल रही हो तो मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों की कुंडली में मंगल स्वराशि मेष और वृश्चिक राशि में बैठा हूं या फिर उच्च राशि में जैसे मकर में स्थित हो तो तुला राशि के जातक मूंगा पहन सकते हैं।


वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों का मंगल स्वामी ग्रह माना जाता है इसलिए वृश्चिक राशि के जातकों को मूंगा रत्न बहुत ही लाभकारी होता है यह रत कभी भी धारण कर सकते हैं

धनु राशि

धनु राशि के जातकों की कुंडली में मंगल पंचम और बारहवें भाव का स्वामी है इसलिए मूंगा रत्न आपके लिए फलदाई साबित होगा।


मकर राशि

मकर राशि के जातकों की कुंडली में मंगल उचित स्थान पर विराजमान है या फिर मकर में से या फिर वृश्चिक राशि में विराजमान हो तो भी मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं अन्यथा मूंगा रत्न हानि पहुंचा सकता है


कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों की कुंडली में मंगल मकर में सफर वृश्चिक राशि में स्थित हो तो मूंगा धारण कर सकते हैं या फिर मंगल की महादशा चल रही हो तो भी मूंगा पहन सकते हैं।



मीन राशि

मीन राशि के जातकों की कुंडली में मंगल दूसरे और नवम भाव का स्वामी है इसलिए आपकी राशि के लिए मंगल शुभ फल देगा यदि मीन राशि के जातक चाहे तो मूं पहन सकते हैं इससे इन्हें लाभ हो सकता है

मूंगा रत्न के साथ कौन से रत्न नहीं पहनना चाहिए
मूंगा रत्न के साथ पन्ना लहसुनिया और गोमेद रत्न भूलकर भी नहीं पहनना चाहिए।

दर्शकों कोई भी रत्न ज्योतिषी सलाह के बिना धारण ना करें अन्यथा हानि हो सकती है

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Tuesday, February 15, 2022

राशि के अनुसार जाने कौन सा रत्न चमकाएगा आपकी किस्मत

राशि के अनुसार कौन सा रत्न धारण करें????

रत्नों का हमारे जीवन में विशेष महत्व होता है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखें तो रत्नों में इतनी शक्ति होती है कि रत्न हमारे भाग को भी बदल सकते हैं ज्योतिषशास्त्र में 12 राशियों का वर्णन आता है प्रत्येक राशि का अलग-अलग स्वभाव होता है और उसी प्रकार प्रत्येक रत्न हर राशि पर अलग-अलग प्रभाव डालता है।

आइए जानते हैं किस राशि के जातक के लिए कौन सा रत्न शुभ होता है   ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज  #astrologer #Pramod_Krishna_Shastri  के अनुसार जानिए.....

Rashi ratan


मेष राशि-

मेष राशि का स्वामी मंगल होता है मंगल ग्रह का रत्न मूंगा माना जाता है मेष राशि के जातकों के लिए मूंगा रत्न बहुत ही लाभकारी होता है मेष राशि के लोगों को मूंगा अनेकों फायदे देता है मानसिक परेशानी धन वैभव नौकरी व्यापार आदमी मूंगा रत्न से लाभ मिलता है मूंगा रत्न मंगलवार के दिन अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए।


वृष राशि

वृष राशि का स्वामी शुक्र होता है शुक्र ग्रह का राशि रत्न हीरा माना जाता है हीरा रत्न बहुत ही महंगा होता है इसलिए हर कोई हीरा नहीं पहन सकता इसलिए हीरा की जगह लोग ओपल रत्न धारण करते हैं ओपल ज्यादा महंगा रत्न नहीं मिलता है। हीरा और ओपल रत्न दोनों ही वृष राशि के जातकों के लिए लाभकारी होते हैं इससे सुख सुविधाएं एवं आर्थिक स्थिति मजबूत होती व्यापार में भी लाभ होता है हीरा धन वैभव का प्रतीक माना जाता है यह रत्न शुक्रवार के दिन धारण कर सकते हैं।

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मिथुन राशि

मिथुन राशि का स्वामी बुध होता है बुध ग्रह का राशि रत्न पन्ना माना जाता है मिथुन राशि के जातक यदि पन्ना रत्न धारण करते हैं तो वाणी में मधुरता आती है बुद्धि तेज होती है धन वैभव यश कीर्ति की प्राप्ति होती है और भी अनेकों लाभ होते हैं शुक्ल पक्ष में बुधवार के दिन कनिष्ठका उंगली में धारण करना चाहिए।

कर्क राशि
कर्क राशि का स्वामी चंद्र ग्रह माना जाता है चंद्र ग्रह का राशि रत्न मोती होता है कर्क राशि के जातक यदि सफेद मोती धारण करते हैं तो मानसिक शांति प्राप्त होती है अच्छा स्वास्थ्य लंबी आयु जातक को मिलती है मोती रत्न सोमवार के दिन कनिष्का उंगली में धारण करना चाहिए।


सिंह राशि
सिंह राशि का स्वामी सूर्य होता है सूर्य का रंग लाल होता है इसलिए सूर्य का राशि रत्न माणिक्य होता है माणिक धारण करने व्यक्ति का आत्मविश्वास मजबूत होता है कार्य क्षेत्र में सफलता मिलती है नेत्रों से जुड़ी परेशानियां समाप्त होती हैं माणिक रत्न रविवार को दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए।


कन्या राशि
कन्या राशि का भी स्वामी ग्रह बुध होता है और और बुध ग्रह का राशि रत्न पन्ना होता है कन्या राशि के जातकों को पन्ना रत्न धारण करने से अनेकों लाभ होते हैं पन्ना बुधवार के दिन धारण करना चाहिए



तुला राशि
 तुला राशि का स्वामी शुक्र होता है शुक्र ग्रह का राशि रत्न हीरा होता है तुला राशि के जातकों को हीरा और अपन दोनों ही फायदेमंद होते हैं इन दोनों रत्नों को शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए।

वृश्चिक राशि
मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल होता है मेष और वृश्चिक राशि के जातकों को लाल मूंगा लाभकारी होता है मूंगा रत्न से अनेकों लाभ होते हैं इस रत्न को मंगलवार के दिन धारण करना चाहिए।

धनु राशि
धनु राशि का स्वामी ग्रह गुरु होता है गुरु का पीला रंग होता है इसलिए धनु राशि का राशि रत्न पुखराज माना जाता है गुरु धन का कारक होता है गुरु रत्न पुखराज धारण करने से धन बेगो की कमी नहीं रहती नौकरी व्यापार में उन्नति होती है पुखराज रत्न गुरुवार के दिन धारण करना चाहिए इसे पहली उंगली तर्जनी में धारण करें।

मकर राशि 
मकर राशि का स्वामी शनि ग्रह होता है शनि का राशि रत्न नीलम माना जाता है नीलम रत्न बहुत ही चमत्कारी रत्न होता है नीलम रत्न धारण करने से आर्थिक लाभ एवं स्वास्थ्य लाभ साथ ही आत्मविश्वास मजबूत होता है नीलम एक ऐसा रत्न है जो व्यक्ति की जिंदगी बदल देता है नीलम रत्न को शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए।

कुंभ राशि
कुंभ राशि का स्वामी ग्रह शनि होता है कुंभ राशि के जातकों के लिए भी नीलम रत्न लाभकारी होता है मकर राशि और कुंभ राशि दोनों के जातक नीलम रत्न धारण कर सकते हैं इससे इन्हें चमत्कारिक लाभ प्राप्त होंगे इसे शनिवार को धारण करें।

मीन राशि
 मीन राशि का भी राशि रत्न पुखराज होता है मीन राशि का स्वामी गुरु ग्रह होता है धनु राशि और मीन राशि के जातकों को पुखराज रत्न धारण करने से अनेकों लाभ प्राप्त होते हैं गुरुवार के दिन तर्जनी उंगली में पुखराज धारण करें।
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दर्शकों कोई भी रत्न धारण करने से पहले 
ज्योतिषी परामर्श अवश्य प्राप्त करें तभी रत्न धारण करें
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Thursday, February 10, 2022

रुद्राक्ष खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान

रुद्राक्ष खरीदते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

रुद्राक्ष हमेशा विश्वसनीय दुकान से ही खरीदना चाहिए 
9 मुख से लेकर 21 मुख वाले व एक मुखी रुद्राक्ष महंगे होते हैं यह आसानी से नहीं मिलते हैं।

नेपाल को छोड़कर शेष सभी जगह के एक मुखी रुद्राक्ष प्रायः अर्धचंद्राकार पाए जाते हैं कभी-कभी तीन एवं दो मुख वाले भी एक मुख वाले रुद्राक्ष प्राकृतिक तौर पर बन जाते हैं।

रुद्राक्ष गर्म एवं सर होता है अगर हम दोनों का किसी भी तरह से उपयोग नहीं कर रहे हैं तो तेल में डुबोकर रखना चाहिए इससे रुद्राक्ष फटेगा नहीं क्योंकि अगर आप इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं तो कभी-कभी रुद्राक्ष अपने आप फट जाता है इसलिए उसे तेल में डुबोकर रखें इससे रुद्राक्ष हमेशा ही सही बना रहेगा।


रुद्राक्ष खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान
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असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान कैसे करें????


यदि आप असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान करना चाहते हैं तो एक कटोरे में पानी को वालिए जब पानी उबलने लगे तब रुद्राक्ष को उबलते हुए पानी में डाल दीजिए 1 से 2 मिनट तक रुद्राक्ष को उबलने दीजिए कुछ देर बाद उबलते हुए पानी को गैस चूल्हे से उतारकर ढककर रख दें थोड़ी देर बाद रुद्राक्ष के दाने को निकाले और उसे गौर से देखें अगर दाने को जोड़ जोड़ कर बनाया गया होगा तो वे जितनी फाके जोडे होंगे वह फट जाएंगे और जोड़ दिखने लगेंगे जोड़ को जोड़ने वाला सलूशन भी दिखेगा नहीं तो प्राकृतिक तौर पर थोड़े अथवा ज्यादा फटे हुए रुद्राक्ष अगर डालेंगे तो वह और भी फट जाएंगे।


-रुद्राक्ष धारण करने के नियम-

पुराणों में रुद्राक्ष धारण करने के विषय में कोई विशेष परहेज नहीं बतलाया गया है।
 किंतु फिर भी रुद्राक्ष पहनने वाले को मांस मछली अंडा इत्यादि वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए।
शुद्ध विचार मनुष्य के कल्याण क मानसिक शांति हेतु बहुत ही जरूरी होते हैं। 
इसलिए रुद्राक्ष पहनने वाले लोग अपने विचार शुद्ध रखें साथ ही सात्विक जीवन व्यतीत करें।
रुद्राक्ष पहन कर अगर धार्मिक निष्ठा का पालन किया जाए तो इसका लाभ और ज्यादा फलित होता है।

एक मुखी से 14 मुखी रुद्राक्ष के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए वीडियो देखें लिंक पर क्लिक करें....






रुद्राक्ष धारण करने के लाभ

  • रुद्राक्ष धारण करने से मन को शांति प्राप्त होती है मन स्थिर रहता है

  • रुद्राक्ष अपना असर 40 दिन के अंदर दिखाना प्रारंभ कर देता है।

  • रुद्राक्ष पहनने से मानसिक व्याधियों से छुटकारा मिलता है।
  • रुद्राक्ष की माला पहनने के लिए किसी से पूछने की जरूरत नहीं है क्योंकि रुद्राक्ष कभी भी विपरीत फल नहीं देता है वह लाभ ही प्रदान करता है।
  • रुद्राक्ष जितना पुराना होता है उतना ही उत्तम लाभदायक माना जाता है
  • रुद्राक्ष धारण करने से अनेक प्रकार की दिव्य शक्तियां प्राप्त होती हैं भगवान भोलेनाथ की कृपा का अनुभव होता है।
  • रुद्राक्ष धारण करने से हृदय रोग में लाभ होता है
  • रुद्राक्ष धारण करते समय यदि मंत्र याद नहीं है या मन में कोई संशय है तो भगवान शंकर का महामंत्र "ओम नमः शिवाय" मंत्र का जप करते हुए रुद्राक्ष धारण कर लेना चाहिए।



भूलकर भी इस राशि के लोग ना पहने माणिक रत्न हो सकता है हानिकारक

 भूलकर भी इन राशियों के लोग ना पहने माणिक्य रत्न हो सकता है हानिकारक

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 माणिक रत्न सूर्य ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है।
 साथ ही यह रत्न बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है।

  • राशि के अनुसार ही जातक को रत्न धारण करना चाहिए
  • ग्रहों के बुरे प्रभाव के कारण मनुष्य को जीवन में अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है वैसे तो नव ग्रहों की शांति के लिए अनेक उपाय बताए गए हैं किंतु इस समस्या का हल रत्नों के द्वारा भी किया जा सकता है हर राशि का अलग-अलग स्वभाव होता है वैसे ही प्रतीक रत्न का भी हर राशि पर भिन्न-भिन्न प्रभाव पड़ता है।
  • श्री हनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र लखनऊ के माध्यम से ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज बतलाते हैं÷
  • माणिक रत्न किस किस राशि के लोग पहन सकते हैं।
  • किसे होगा लाभ और किसे होगी हानि...
  1. माणिक रत्न धारण करने से जातक को अनेकों प्रकार की लाभ प्राप्त होते हैं।
  2.  माणिक रत्न मानसिक रोग एवं मित्रों से जुड़ी परेशानियों को भी समाप्त करता है।
  3.  माणिक रत्न रक्तवर्धक एवं पेट से रोगों में भी लाभकारी होता है।

ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियों का वर्णन आता है
 12 राशियों में किस राशि को माणिक रत्न लाभ प्रदान करता है और किसे हानि जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें...



मेष राशि-

मेष राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य पंचम स्थान का स्वामी होता है और मेष राशि का स्वामी मंगल होता है सूर्य और मंगल मैं प्रेम संबंध होता है इसलिए मेष राशि के जातक माणिक रत्न धारण कर सकते हैं इससे इन्हें लाभ होगा लेकिन ज्योतिषी परामर्श के बिना कोई भी रत्न भूल कर भी धारण ना करें।


वृष राशि-
 वृष राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य चतुर्थ भाव मैं होने के कारण वृष राशि के जातक माणिक धारण कर सकते हैं सूर्य की महादशा अंतर्दशा या फिर कुंडली में सूर्य नीच का हो तो आप माणिक धारण करें वृष राशि का स्वामी शुक्र होता है शुक्र और सूर्य की आपस में मित्रता नहीं होती है इसलिए वृष राशि के जातक माणिक धारण ना करें।



मिथुन राशि-
मिथुन राशि के जातकों को माणिक रत्न बहुत ज्यादा लाभकारी नहीं होता है यदि कुंडली में सूर्य नीच का है या सूर्य की महादशा से पीड़ित हैं तो माणिक रत्न धारण कर सकते हैं। वैसे देखा जाए तो मिथुन राशि का स्वामी बुध होता है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखें तो बुध और सूर्य आपस में मित्र होते हैं। इसलिए मिथुन राशि के लोग माणिक धारण कर सकते हैं लेकिन कुंडली का विश्लेषण कराने के बाद ही कोई भी रत्न धारण करें।


कर्क राशि-
कर्क राशि के जातकों को माणिक धारण करने से विद्या की प्राप्ति होती है ज्योतिष के अनुसार देखे तो कर्क राशि का स्वामी चंद्र और सूर्य में मित्रता होती है यदि आप नेत्र या फिर हृदय रोग से पीड़ित हैं तू भी माणिक रत्न धारण कर सकते हैं इससे आपको लाभ होगा।



सिंह राशि-
सिंह राशि का स्वामी सूर्य होता है। साथ ही सिंह राशि का राशि रत्न बीमारी तो होता है इसलिए सिंह राशि के जातकों को माणिक रत्न अवश्य ही धारण करना चाहिए। इससे इन्हे को लाभ प्राप्त होते हैं।


कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को माणिक रत्न धारण नहीं करना चाहिए।
 यदि आप माणिक रत्न धारण करना चाहते है तो किसी ज्योतिषी की सलाह अवश्य प्राप्त करें तभी रत्न धारण करें।


तुला राशि
तुला राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य 11वें भाव का स्वामी होता है।
कुंडली में एकादश भाव लाभ का स्थान होता है तुला राशि का स्वामी शुक्र और सूर्य आपस में शत्रुता होने के कारण इन जातकों को माणिक रत्न धारण नहीं करना चाहिए यदि आप रतन धारण करना चाहते हैं तो किसी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य करें



वृश्चिक राशि-
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए माणिक रत्न धारण करना लाभकारी होता है।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल और सूर्य आपस में मित्र हैं इसलिए वृश्चिक राशि के जातक माणिक रत्न धारण कर सकते हैं इससे इन्हें लाभ होगा।


धनु राशि
धनु राशि का स्वामी गुरु होता है गुरु और सूर्य में मित्रता होती है इसलिए धनु राशि के जातक माणिक रत्न धारण कर सकते हैं नेत्र से जुड़ी परेशानी समाप्त होगी हृदय रोग में भी लाभ होगा।


मकर राशि-
मकर राशि के जातक माणिक रत्न धारण न करें मकर राशि का स्वामी शनि और सूट में शत्रुता होती है।

कुंभ राशि-
कुंभ राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य सप्तम स्थान में होने के कारण जातक यदि माणिक रत्न धारण करता है तो उसे कष्ट होगा कुंभ राशि का स्वामी शनि और सूर आपस में शत्रु है इसलिए कुंभ राशि के जातकों को माणिक रत्न भूल कर भी धारण नहीं करना चाहिए।

मीन राशि-
मीन राशि का स्वामी गुरु होता है गुरु और सूर्य आपस में मित्र होते हैं परंतु मीन राशि की कुंडली में सूर्य अष्टमेश होकर अशुभ हो जाता है इसलिए मीन राशि के जातकों को माणिक रत्न धारण नहीं करना चाहिए।


Thursday, January 20, 2022

महामंत्र,ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र के द्वारा होगा सभी समस्याओं का समाधान

 

एक मंत्र करेगा अनेक समस्याओं का समाधान - प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज


 - आज के समय में मनुष्य इतना अधिक व्यस्त रहता है जिसके कारण रात्रि में नींद नहीं आती शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा से ग्रसित रहता है !
A single mantra can resolve all your problems
Narayan mantra
इस कलयुग में हर कोई दुखी है लेकिन अगर कोई समस्या होती है तो उसका समाधान भी होता है
पूज्य गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने इस बात को पहले ही लिख दिया था



                 दोहा
कोई तन से दुखी कोई मन से दुखी,
     कोई धन बिन रहत उदास
थोड़े-थोड़े सब दुखी सुखी राम के दास !!
    
अर्थ -
 कोई तन से दुखी है कोई मन से दुखी है कोई धन से दुखी है थोड़े थोड़े सभी दुखी हैं सुखी केवल भगवान के भक्त हैं
आजकल लोग अनेक समस्याओं से ग्रसित हैं जैसे
- जिनको रात्रि में नींद नहीं आती
-जिनको ब्लड प्रेशर शुगर की समस्या रहती है
-लोगों को मानसिक शांति प्राप्त नहीं होती
-मेहनत करने के बाद भी सफलता प्राप्त नहीं होती
-लोगों के घर में शांति नहीं रहती धन का अभाव रहता है
-जिनके घरों में हमेशा कलह रहती है
-जो लोग अनेक प्रकार के रोगों से ग्रसित रहते हैं
"इन सभी समस्याओं के निवारण हेतु इस मंत्र का जाप करें"

 महामंत्र÷  ॐ नमों भगवते वासुदेवाय नमः


जिनको रात्रि में नींद नहीं आती वह लोग सोने से पहले हाथ पैर धुलकर, लेटें नेत्रों को बंद करके होठ और जिव्हा को बिना हिलाए अंतर आत्मा से इस मंत्र का उच्चारण करते करें अनेक समस्याओं के निवारण हेतु प्रातः काल स्नान के उपरांत तुलसी की माला से पांच माला जप करें !

दिन में कार्य के समय कभी भी मन ही मन मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं इससे समस्याओं का समाधान होगा,
 जीवन सुखमय होगा!

श्री हनुमत ज्योतिष परामर्श केंद्र''लखनऊ''
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Wednesday, January 19, 2022

पुखराज रत्न किसे नहीं पहनना चाहिए किस राशि के लोग पहन सकते हैं पुखराज रत्न



जानिए ???   किस राशि के लोग पहन सकते हैं पुखराज रत्न...

 किस राशि के लोगों को भूल कर भी नहीं पहनना चाहिए पुखराज रत्न


 दर्शकों कोई भी रत्न धारण करने से पहले
अपनी जन्म कुंडली का विश्लेषण 
अवश्य कराएं तभी रत्न धारण करें।
ज्योतिषी परामर्श के बिना रत्न भूलकर भी रत्न धारण ना करें।

Pukhraj stone
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मेष राशि- मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह होता है।
 मंगल और गुरु के बीच बहुत ही अच्छे संबंध माने जाते हैं
 साथ ही गुरु का मेष राशि के नवे और बारहवें भाव पर भी प्रभाव रहता है जोकि बहुत ही अच्छा माना जाता है।
इसलिए मेष राशि के जातक पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं
 मेष राशि के जातकों को पुखराज रत्न धारण करने से कोई भी परेशानी उत्पन्न नहीं होती है।

वृष राशि-- वृष राशि का स्वामी शुक्र ग्रह माना जाता है शुक्र और गुरु का संबंध देखा जाए तो बहुत ही अच्छा माना जाता है गुरु वृषभ राशि के आठवें और ग्यारहवें भाव का स्वामी है वृष राशि के दूसरे चौथे पांचवें नवे दसवें और ग्यारहवें भाव में गुरु हो तो व्यक्ति को आर्थिक संबंधी अनेकों सफलताएं प्राप्त होती हैं जिससे धन योग बनता है ज्योतिष के अनुसार देखें तो दर्शन राशि के जातक भी पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं लेकिन कोई भी रत्न धारण करने से पहले ज्योतिष परामर्श अवश्य करें यह मैं आपसे बार-बार कहूंगा।

मिथुन राशि- मिथुन राशि का स्वामी बुध होता है संबंध की बात करें तो गुरु और बुध के बीच सामान्य संबंध माने जाते हैं मिथुन राशि के जातकों के गुरु दूसरे चौथे पांचवें सातवें आठवें भाव में होने से जातक पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं।

कर्क राशि- कर्क राशि की बात करें तो कर्क राशि के स्वामी चंद्रदेव माने जाते हैं चंद्र और गुरु का बहुत अच्छा संबंध माना जाता है गुरु छठे और नवे भाव में होने से कर्क राशि के जातक भी पुखराज पहन सकते हैं।

सिंह राशि- सिंह राशि का स्वामी सूर्य होता है। सूर्य और गुरु का सकारात्मक संबंध होता है जिसे बहुत ही अच्छा माना जाता है यह दोनों को एक दूसरे के मित्र माने जाते हैं सिंह राशि के गुरु पांचवे और आठवें भाव के स्वामी होने पर जातक पुखराज रत्न धारण कर सकता है इससे उसे लाभ प्राप्त होगा।


 Astrologer Pramod Krishna Shastri
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कन्या राशि- कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध होता है रतन की बात करें तो वैसे तो कन्या राशि के जातक को पन्ना रत्न धारण करना चाहिए गुरु चौथी और सातवें भाव का स्वामी है चौथे भाव का संबंध माता भूमि भवन आदि से देखा जाता है सातवा कर जीवनसाथी और मार्केट का होता है इसलिए कन्या राशि के लोग पुखराज रत्न धारण करें कन्या राशि के जातक यदि पुखराज रत्न धारण करते हैं तो उन्हें अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

तुला राशि- तुला राशि के तीसरे और छोटे घर का स्वामी गुरु होता है तुला राशि का स्वामी शुक्र माना जाता है गुरु और शुक्र के मध्य अच्छे संबंध नहीं होते इसलिए तुला राशि के जातकों को भी पुखराज रत्न धारण नहीं करना चाहिए इससे इन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है


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 यदि आप पुखराज रत्न धारण करना चाहते हैं तो किसी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य करें सभी रत्न धारण करें।
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वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल होता है मंगल और गुरु के मित्रता की बात करें तो बहुत ही अच्छी मैत्री मानी जाती है इस राशि के लोग मूंगा रत्न के साथ पुखराज रत्न भी धारण कर सकते हैं वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु पंचम स्थान से संबंधित बहुत ही शुभ फल प्रदान करता है लेकिन वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु द्वितीय होने के कारण मार्केट भी प्रबल बनाता है इसलिए पुखराज नहीं पहनना चाहिए।

धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए पुखराज रत्न बहुत ही लाभकारी होता है पुखराज रत्न धारण करने से इन लोगों को अनेकों लाभ होते हैं आर्थिक स्थिति मजबूत होती है धनु राशि वालों के लिए गुरु लग्न और चतुर्थ स्थान का स्वामी होता है यह स्थान शुभ माने जाते हैं इसलिए विशेष रूप से कहे तो धनु राशि वालों के लिए पुखराज रत्न सोने पर सुहागा का काम करता है।

कुंभ राशि- सभी जानते हैं कि कुंभ राशि का स्वामी शनि होता है इस राशि में गुरु द्वितीयेश प्रबल मार्केस और साथ ही गुरु एकादश होने के कारण अकारक होता है इसलिए कुंभ राशि के जातकों को भूलकर भी पुखराज रत्न नहीं पहनना चाहिए।

मीन राशि- मीन राशि के जातकों के लिए पुखराज रत्न बहुत ही लाभकारी माना जाता है मीन राशि वालों के लिए ग्रुप प्रथम और दशम भाव का स्वामी होता है मीन राशि के जातक यदि पुखराज रत्न धारण करते हैं तो इनको सभी क्षेत्र में लाभ प्राप्त होता है आमदनी बढ़ती है कार्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है 

मीन राशि और धनु राशि
इन 2 राशियों के लिए पुखराज रत्न बहुत ही लाभकारी माना जाता है मीन राशि के जातकों पर पुखराज रत्न बहुत ही चमत्कारी प्रभाव डालता है मीन और धनु राशि के जातक यदि पुखराज रत्न धारण करते हैं तो इनको अनेकों प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं आर्थिक स्थिति मजबूत होती है व्यापार में सफलता प्राप्त होती है कुल मिलाकर कहे तो मीन और धनु राशि के जातक यदि पुखराज रत्न धारण करते हैं तो उन्हें सभी क्षेत्रों में सफलताएं प्राप्त होती हैं।



 





माणिक्य रत्न के चमत्कारी फायदे

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